इस मुलाकात के बाद उन्होंने बड़ा ऐलान किया है कि अगर केंद्र सरकार 6 फरवरी 2026 तक एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) को वापस नहीं लेती या समाप्त नहीं करती, तो 7 फरवरी 2026 से वे और उनके समर्थक देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे, जिसमें दिल्ली कूच (दिल्ली मार्च) शामिल होगा। उन्होंने इस एक्ट को “काला कानून” और इसके दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सामान्य वर्गों (विशेषकर ब्राह्मणों/सवर्णों) के खिलाफ भेदभावपूर्ण है।
यह ऐलान उनके पहले के विरोध से जुड़ा है, जहां उन्होंने UGC के नए नियमों (Promotion of Equity in Higher Education Regulations 2026) और शंकराचार्य के शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में 26 जनवरी 2026 को पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद UP सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।
मुलाकात के दौरान चर्चा सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर हुई, और अग्निहोत्री ने इसे राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक विमर्श बताया। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे आज तक, अमर उजाला, ABP Live, TV9 आदि) में यह खबर प्रमुखता से कवर की गई है, जहां उन्होंने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम दिया और कहा कि अगर मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन से केंद्र सरकार को “उखाड़ फेंका जाएगा”।
एससीएसटी एक्ट के खिलाफ खुला मोर्चा, होगा बड़ा आंदोलन!

बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (जिन्हें निलंबित किया गया है) ने हाल ही में वाराणसी में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की और उनके आशीर्वाद प्राप्त किए।
