यह दिन मानव इतिहास का सबसे काला दिन है। यह इतिहास की पहली परमाणु बमबारी थी जिसने यह साबित कर दिया कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, वह केवल विनाश लाता है। हिरोशिमा की त्रासदी हमें आज भी सिखाती है कि “शांति ही असली शक्ति है और शांति ही सबसे बड़ी शक्ति है।”
सीटू जिला कमेटी का मानना है कि आज पूरी दुनिया में फिर से युद्ध का उन्माद, हथियारों की होड़ और परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में हिरोशिमा दिवस हमें शांति और परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए एकजुट होने का संदेश देता है।
सीटू की मांग है कि –
1. विश्व से सभी प्रकार के परमाणु हथियारों को समाप्त किया जाए। 2. युद्ध की नीतियों को त्याग कर शांति, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की नीतियों को बढ़ावा दिया जाए। 3. केंद्र और राज्य सरकार मेहनतकशों की एकता को तोड़ने वाली नीतियों को बंद करे और विश्व शांति के लिए ठोस पहल करे।
हम सभी मजदूरों, किसानों, नौजवानों और आम नागरिकों से अपील करते हैं कि हिरोशिमा दिवस पर यह संकल्प लें कि “HIROSHIMA NEVER AGAIN – NO MORE WAR” – फिर कभी हिरोशिमा जैसा नरसंहार न हो।

