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मौहम्मद रफी की 45वीं पुण्यतिथि पर एक गीतो भरी शाम “याद ए रफी” का आयोजन किया गया।

अनुज कुमार शर्मा ब्यूरो

नजीबाबाद । आईडियल सिंगिंग एकेडमी की ओर से महान गायक पद्मश्री मौहम्मद रफी की 45वीं पुण्यतिथि पर एक गीतो भरी शाम “याद ए रफी” का आयोजन किया गया। जिसमें आइडियल सिंगिंग एकेडमी नजीबाबाद के गायको ने मोहम्मद रफी के सदाबहार सुपर हिट नग़मे गाकर मौहम्मद रफी को सुरीली श्रद्धांजलिदी।
गुरूवार की शाम मौहल्ला गडरियान में नगर के मशहूर सिंगर शमशाद अहमद के आवास पर आईडियल सिंगिंग एकेडमी की ओर से महान गायक पद्मश्री मौहम्मद रफी की 45वीं पुण्यतिथि पर एक गीतो भरी शाम “याद ए रफी” का आयोजन किय गया। जिसमें शहर के मशहूर गायको ने मौहम्मद रफी साहब की 45वीं पुण्यतिथि पर रफी साहब के सदाबहार सुपर हिट नग़मे गाकर सुरीली श्रद्धांजलि। इस मौके पर शमशाद अहमद ने….. पत्थर के सनम तुझे हमने मौहब्बत का खुदा जाना। शादाब जफर ने…. आने से उस के आये बहार जाने से उस के जाये बहार। अजय वर्मा ने…….ओ मेरी महबूबा, महबूबा, महबूबा तुझे जाना है तो जा तेरी मर्जी मेरा क्या। अनीस खां ने……. हसीन खां एडवोकेट ने…..मतलब निकल गया है तो पहचानते नही। नग़मे पेश कर समां बांध दिया। जिस की कार्यक्रम में मौजूद सभी श्रोताओं ने दिल खोलकर तारीफ़ की। श्रोताओ ने तालिया बजा,बजा कर गायक कलाकारो का खूब हौसला बढाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आईडियल सिंगिंग एकेडमी के डायरेक्टर हसीन खॉ एडवोकेट ने कहा की रफी साहब के दुनिया से जाने के बाद भी उन की कला और खूबसूरत आवाज़ उन्हे जिन्दा रखे हुए है। उन की ये कला उन्हे कभी मरने नही देगी।
इस अवसर पर नफीस अहमद, जुल्फूकार अहमद, नाजिश खां, नौशाद मुल्तानी, शादाब खान, शहजा़द खान आदि लोग मौजूद रहे।

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