पाकिस्तान पीओके के मुजफ्फराबाद, मीरपुर और अन्य इलाकों में छात्रों ने ट्यूशन फीस में 40% की बढ़ोतरी, डिजिटल परीक्षा प्रक्रिया की खामियों और महंगाई के खिलाफ विरोध शुरू किया। यह आंदोलन जल्दी ही भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, सेना की क्रूरता और पाकिस्तानी शासन की सौतेली नीतियों पर केंद्रित हो गया। इसे नेपाल के आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। दरअसल नेपाल से प्रेरणा: पीओके के युवा नेपाल के “जेन जेड क्रांति” से प्रेरित हैं, जहां युवाओं ने सोशल मीडिया प्रतिबंध और सिस्टमिक भ्रष्टाचार के खिलाफ सफल विद्रोह किया। पीओके में प्रदर्शनकारी “नेपाल मोमेंट” की बात कर रहे हैं, और उनके नारे जैसे “मर्डरर्स, आंसर अस” (हत्या करने वालों, जवाब दो) सरकार की जवाबदेही मांग रहे हैं।
व्यापक प्रभाव: यह आंदोलन अब खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) तक फैल चुका है, जहां छात्रों ने सैन्य काफिले को रोक दिया। एशिया में जेन जेड प्रदर्शन (बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया आदि) का यह हिस्सा लगता है, जहां युवा शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक न्याय की मांग कर रहे हैं।हिंसा और दमन: प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें 12 नागरिक मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। दुकानें बंद, सड़कें ब्लॉक, और इंटरनेट पर सेंसरशिप की कोशिशें हो रही हैं। पाकिस्तानी सेना पर युवाओं पर अत्याचार के आरोप लग रहे हैं।सरकारी प्रतिक्रिया: शहबाज शरीफ सरकार इसे “भारत-समर्थित” बता रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे पाकिस्तान की आंतरिक असफलताओं का नतीजा मानते हैं।
सोशल मीडिया पर हलचल: एक्स (पूर्व ट्विटर) पर #PoKProtests, #GenZProtest और #PoJKFreedom जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। वीडियो में हजारों युवा सड़कों पर उतरते दिख रहे हैं।
हाल के दिनों में, नेपाल में सितंबर 2025 में जेन जेड (Gen Z) के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया था। यह आंदोलन सोशल मीडिया बैन, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर केंद्रित था, जिसमें संसद भवन तक आग लगा दी गई थी। अब, इसी तरह की लहर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK या पीओके) में फैल गई है, जहां छात्रों ने फीस वृद्धि और सरकारी नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किए, जो अब बड़े पैमाने पर एंटी-गवर्नमेंट विद्रोह में बदल चुके हैं। आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।






