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निशु आजाद ने शेयर कर दी पुलिस की ऑडियो रिकॉर्डिंग, गाजियाबाद में घर पर पथराव मामले में नया ट्विस्ट

गाजियाबाद। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दिल्‍ली आंदोलन के दौरान सुर्खियों में आई निशु आजाद और स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े विवाद में नया मोड़ आ गया है। गाजियाबाद पुलिस ने निशु आजाद के घर पर पथराव की घटना होने से इनकार किया है। इस बीच, निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो और डायल 112 की ऑडियो रिकॉर्डिंग शेयर कर पुलिस के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 15 साल की निशु आजाद ने पुलिस प्रशासन के उस दावे को पूरी तरह से गलत ठहराया है, जिसमें कहा गया था कि उनके घर पर कोई पथराव नहीं हुआ है। अपने दावे को पुख्ता करने के लिए निशु ने घटना के समय 112 नंबर पर की गई आपातकालीन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक कर दी है।

 

 

रिकॉर्डिंग में पुलिसकर्मी बोल रहा- दो लड़कों को पकड़ा है

 

 

इस रिकॉर्डिंग में दूसरी तरफ मौजूद पुलिसकर्मी साफ तौर पर कहता सुनाई पड़ रहा है कि पुलिस ने मौके से दो लड़कों को पकड़ा है, जो अत्यधिक नशे में धुत हैं। पुलिसकर्मी ऑडियो में यह भी स्वीकार कर रहा है कि ये लड़के निशु के घर के पास स्थित दुकानों पर भी पथराव कर रहे थे। वह स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने की बात कह रहा है। निशु का कहना है कि पुलिस का यह अपना ही रिकॉर्डेड बयान उनके उस दावे की पोल खोलता है जिसमें पथराव की घटना को फर्जी बताया गया था।

 

 

स्‍वतंत्र ने सिर फोड़ने की बात की थी स्‍वीकार

 

 

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब नीट आंदोलन के दौरान निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ दिया गया था। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में खुद हमला करने की बात स्वीकार की थी। पॉडकास्ट सामने आते ही मामला काफी गरमा गया। इसके बाद सीजेपी के पदाधिकारियों और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दिल्ली के थाने में प्रदर्शन किया और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

 

 

बालकनी में पड़े पत्‍थर बतौर सबूत दिखाए

 

 

दो दिन पहले निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया था कि उनके घर पर अज्ञात युवकों द्वारा पथराव किया गया है। उन्होंने अपने घर की बालकनी में पड़े पत्थर भी सबूत के तौर पर दिखाए थे। इस संबंध में निशु के पिता ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने जांच के बाद बयान जारी करते हुए कहा था कि निशु के घर पर पथराव का कोई साक्ष्य नहीं मिला है और यह महज एक फर्जी सूचना प्रतीत होती है।

 

 

मोहल्‍ले वाले घर खाली कराने पर अड़े

 

 

पुलिस के इस बयान के सामने आते ही स्थानीय निवासियों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने निशु आजाद और उनके परिवार पर माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए साहिबाबाद स्थित उनका घर खाली कराने की मांग शुरू कर दी। पुलिसिया दावे के जवाब में अब निशु आजाद ने 112 की ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी कर पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्‍होंने इस पूरे मामले में नए सिरे से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

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