नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से मची तबाही का असर बिहार में भी दिखने लगा है। नेपाल से सटे पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्थिति का जायजा लेने बेतिया पहुंचे बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने बताया कि नेपाल में ग्लेशियर से अचानक आई बाढ़ के कारण कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। इसका असर वाल्मीकिनगर के रास्ते बिहार के निचले इलाकों में पड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. मंत्री के मुताबिक, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से पानी छोड़ा गया है, लेकिन फिलहाल बिहार में स्थिति सामान्य बनी हुई है। एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया गया है।
नेपाल बाढ़: बिहार के मंत्री बोले- किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार

रत्नेश सदा ने कहा कि संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। निचले इलाकों से करीब 5 हजार लोगों को निकालकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन की ओर से प्रभावित और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचन भी शुरू किए गए हैं। लोगों के लिए भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है।
आपदा मंत्री ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें निचले इलाकों में तैनात की गई हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बाढ़ की स्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियान को और तेज किया जाएगा।
नेपाल में आई बाढ़ के बाद पश्चिम चंपारण में प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी गई है. गंडक नदी और बराज से जुड़े इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। लोगों को भी प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है. मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सरकार किसी भी परिस्थिति को लेकर पूरी तरह अलर्ट है. राहत और बचाव से जुड़ी सभी एजेंसियों को तैयार रखा गया है।
