Site icon Thenews15.in

हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिये दोषी पुलिसकर्मियों पर : मनोज

सपा नेता ने कई सवाल खड़े किये पुलिस की कार्यप्रणाली पर

किरतपुर। गांव खटाई में गौमांस की सूचना पर दबिश देने गयी पुलिस की कार्यप्रणाली पर पूर्व जज एंव सपा नेता मनोज कुमार ने सवाल उठायें हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का निलम्बन काफी नहीं है बल्कि दोषी सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिये। पूर्व जज एंव सपा नेता मनोज कुमार ने कहा कि एक मामूली सूचना पर जिस तरह घर में घुसकर पुलिस ने तांडव मचाया, ना सिर्फ तलाशी के नाम पर गरीब परिवार को डराया धमकाया गया और बल्कि वृद्ध व्यक्ति के साथ मारपीट भी की, उससे जनता का विश्वास पुलिस से उठना स्वभाविक है।

पूर्व जज एंव सपा नेता मनोज कुमार सोमवार की शाम पीड़ित नसीम के घर गांव खटाई पहुंचे। पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुये उन्होंने कहा कि ये घोर निन्दनीय घटना है। सपा नेता ने सवाल किये कि यह स्पष्ट किया जाये कि पुलिस ने घर में आने से पूर्व अपने उच्च अधिकारियों को संज्ञान में लेकर दबिश दी और वह कौन से अधिकारी हैं जिसने अनुमति दी। उन्होंने पूछा यह बताया जाये कि दबिश देने से पूर्व पुलिस ने रोजनामचे में एन्ट्री की या बिना जीडी में दर्ज कराये ही गांव पहुंच कर दबिश दी गई। वह कौन से अधिकारी हैं जिसने बिना महिला पुलिस साथ भेजे पर्दे वाले घर में जाने की अनुमति दी। सपा नेता ने कहा कि महिला की मौत के वह पुलिसकर्मी जिम्मेदार हैं जिन्होंने महिला के साथ धक्का मुक्की की और उसी के सामने उसके बूढ़े पति को मारा-पीटा। उनके खिलाफ प्योरली आफेंस बनता है।दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिये।

बाक्स

चार सिपाही निलम्बित

गौमांस की सूचना पर गांव खटाई में नसीम के घर में घुसे पुलिसकर्मियों की दबिश के बाद महिला की मौत के प्रकरण में एसपी सिटी ने घटना में शामिल चार सिपाहियों को निलम्बित कर दिया है। निलम्बित होने वाले सिपाहियों में अकरम, अमित, अर्जुन और मोनू शामिल हैं

Exit mobile version