ईरानी सूत्रों के अनुसार आसिम मुनीर ने मई 2025 में ईरान के सैन्य कमांडर मोहम्मद हुसैन बकरी (या बघेरी, कुछ स्रोतों में अलग नाम) से मुलाकात की थी और उन्हें एक स्मार्टवॉच गिफ्ट की थी। इस स्मार्टवॉच में कथित रूप से GPS ट्रैकर लगा था, जिसके जरिए इज़रायल को उनकी लोकेशन मिली और 13 जून को हुए हमले में उनकी हत्या हो गई।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान ने इज़रायल और अमेरिका के साथ मिलकर यह जानकारी साझा की, जिससे इज़रायल को सटीक हमला करने में मदद मिली।
सोशल मीडिया पर चर्चा:
X पर कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि आसिम मुनीर ने कई ईरानी कमांडरों को GPS ट्रैकर वाली घड़ियां गिफ्ट कीं, जिसके जरिए उनकी लोकेशन ट्रैक की गई और इज़रायल ने हमला किया।
कुछ यूजर्स ने इसे पाकिस्तान की “गद्दारी” करार दिया, लेकिन ये पोस्ट्स सनसनीखेज और असत्यापित हैं।
इज़रायल और ईरान के बीच 13 जून 2025 से शुरू हुए सैन्य टकराव में इज़रायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर कई हमले किए। इनमें कई ईरानी कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत की खबरें हैं।
आसिम मुनीर की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में मुलाकात (जून 2025) ने भी इन अटकलों को हवा दी कि पाकिस्तान इज़रायल-अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ काम कर रहा है।
कुछ यूजर्स ने इसे पाकिस्तान की “गद्दारी” करार दिया, लेकिन ये पोस्ट्स सनसनीखेज और असत्यापित हैं।
इज़रायल और ईरान के बीच 13 जून 2025 से शुरू हुए सैन्य टकराव में इज़रायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर कई हमले किए। इनमें कई ईरानी कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत की खबरें हैं।
आसिम मुनीर की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में मुलाकात (जून 2025) ने भी इन अटकलों को हवा दी कि पाकिस्तान इज़रायल-अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ काम कर रहा है।
इन दावों का कोई ठोस सबूत नहीं है। ईरानी सूत्रों और भारतीय मीडिया के दावे एकतरफा हो सकते हैं और प्रोपेगैंडा का हिस्सा हो सकते हैं। GPS ट्रैकर वाली स्मार्टवॉच की कहानी तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य की जरूरत है।
पाकिस्तान और ईरान के बीच ऐतिहासिक रूप से तनाव रहा है, लेकिन दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर भी बातचीत करते रहे हैं।
इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध के संदर्भ में, पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अटकलें बढ़ रही हैं, खासकर क्योंकि पाकिस्तान ने सार्वजनिक रूप से इज़रायल के खिलाफ बयान दिए हैं, लेकिन कथित तौर पर गुप्त सहयोग की बातें सामने आ रही हैं।

