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महिला आयोग की नई अध्यक्ष अप्सरा के नेतृत्व में एक माह में 1000 से अधिक मामलों का निपटारा

 बदली कार्यशैली की तस्वीर

पटना। बिहार राज्य महिला आयोग की नई अध्यक्ष श्रीमती अप्सरा के कार्यभार ग्रहण के महज एक महीने में आयोग की सक्रियता और जवाबदेही का नया चेहरा सामने आया है। 9 जून 2025 को पदभार संभालने के बाद से 8 जुलाई 2025 तक आयोग ने राज्यभर में महिलाओं से जुड़े 233 नए मामले दर्ज किए, जबकि 1000 से अधिक मामलों का निष्पादन कर एक सक्रिय और प्रभावशाली पहल की मिसाल पेश की है।

 

🔹 प्रमुख उपलब्धियाँ – तारीखवार रिपोर्ट:

 

08 जुलाई 2025:
आयोग द्वारा आयोजित सुनवाई में 17 नए वाद दर्ज हुए और 7 पुराने मामलों की सुनवाई की गई। इनमें 4 मामलों में आपसी समझौता भी कराया गया।

07 जुलाई 2025:
15 मामलों की सुनवाई की गई। इसके साथ ही 30 नए आवेदन और 17 एकतरफा पक्ष प्रस्तुत हुए।

26 जून 2025 – बेगूसराय शिविर:
327 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से 312 का निष्पादन और 15 मामलों को अगली तारीख दी गई।

27 जून 2025 – डीसी-वीसी विधि (बेगूसराय):
10 आवेदकों के साथ सुनवाई में 83 मामलों का निष्पादन किया गया। आवश्यक दस्तावेज भी वादियों द्वारा प्रस्तुत किए गए।

03 जुलाई 2025 – मधुबनी अभियान:
“महिला आयोग आपके द्वार” अभियान के तहत 17 मामलों की सुनवाई और त्वरित समाधान।

09 जुलाई 2025 – मधुबनी शिविर:
207 मामलों की सुनवाई और 235 मामलों का निष्पादन, जो एक दिन में निष्पादित मामलों की दृष्टि से रिकॉर्ड माना जा रहा है।

 

🗣 अध्यक्ष का वक्तव्य:

 

श्रीमती अप्सरा ने स्पष्ट किया –

> “हमारा उद्देश्य है कि हर महिला को त्वरित न्याय मिले और उसकी आवाज संवेदनशीलता के साथ सुनी जाए। ‘महिला आयोग आपके द्वार’ जैसी पहलें हमें सीधे जिलों में महिलाओं से जुड़ने का अवसर देती हैं।”

 

 

👏 जनसंगठनों ने की सराहना:

 

महिला आयोग की यह सक्रिय कार्यशैली न केवल न्याय प्रक्रिया को तेज कर रही है, बल्कि सुनवाई की पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण को भी मजबूत बना रही है। श्रीमती अप्सरा के नेतृत्व में विकेंद्रीकृत और जनोन्मुखी कार्यप्रणाली की राज्यभर में सराहना हो रही है।

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