नवरात्र, सावन माह के बाद अब वाराणसी नगर निगम ने नगर निगम सीमा क्षेत्र के सभी मीट मांस की दुकानों को बंद करके सीमा क्षेत्र से बाहर जगह आवंटित करने का फैसला किया है। वाराणसी नगर निगम का यह निर्णय बेहद अहम माना जा रहा है। इस आदेश के बाद मीट का व्यापार करने वाले व्यापारियों में हड़कंप है और अब उन्हें नगर निगम के क्षेत्र में दुकान खोलने की अनुमति नहीं मिलेगी। वाराणसी नगर निगम की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए नगर निगम सीमा क्षेत्र के सभी मीट मांस की दुकान को बंद करने का फैसला लिया गया है। उनके व्यवसाय को देखते हुए अन्य पांच जगह पर दुकान खोलने की अनुमति प्रदान की जाएगी। इन जगहों को चिन्हित कर लिया गया है।
काशी की पवित्रता को ध्यान में रखकर लिया फैसला
हालांकि, वाराणसी नगर निगम के इस महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रमुख वजह काशी शहर की पवित्रता और आध्यात्मिक महत्व को बनाए रखना है। शहर में किसी भी प्रकार का नॉनवेज मीट मछली के व्यापार से श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो, इसलिए यह फैसला लिया गया है।
नगर निगम के फैसले पर मीट कारोबारियों ने उठाए सवाल
हालांकि, नगर निगम के फैसले के बाद वाराणसी में सोशल मीडिया से लेकर मीट व्यापारियों के बीच इस बात को लेकर विरोध भी है कि अगर नगर निगम सीमा क्षेत्र के सभी मीट मांस की दुकानों को हमेशा के लिए बंद किया जा रहा है तो बड़े होटल रेस्टोरेंट भोजनालय में खुलेआम मिलने वाले नॉनवेज भोजनों के लिए रियायत क्यों है। मीट व्यापारियों का कहना है कि अगर शहर में नॉनवेज पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना है तो सभी के लिए यह नियम लागू होना चाहिए। सिर्फ मीट मांस का व्यापार करने वाले लोगों के लिए ही नहीं. हालांकि, नगर निगम की तरफ से अब तक का यह बड़ा फैसला माना जा रहा है।

