जम्मू कश्मीर। 6 मई की रात को भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की, जिसे कई समाचार स्रोतों और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने “पाकिस्तान की शिकस्त” के रूप में वर्णित किया। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिसमें कई नवविवाहित महिलाओं को निशाना बनाया गया था। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों, जैसे लश्कर-ए-तैयबा और द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF), को जिम्मेदार ठहराया।
ऑपरेशन सिंदूर का सार
समय और कार्रवाई : 6-7 मई 2025 की रात 1:05 बजे से शुरू होकर, भारतीय वायुसेना ने 23 मिनट में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और 4 सहयोगी शामिल थे।
प्रतीकात्मक नाम : ऑपरेशन का नाम “सिंदूर” इसलिए रखा गया क्योंकि पहलगाम हमले में कई नवविवाहित महिलाओं का सिंदूर मिटा दिया गया था, जो भारतीय संस्कृति में सुहाग का प्रतीक है। यह कार्रवाई उन निर्दोषों के लिए न्याय का प्रतीक थी।
तकनीकी श्रेष्ठता : भारत ने स्वदेशी ड्रोन्स, गाइडेड हथियारों, और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम का उपयोग किया। पाकिस्तान के चीनी निर्मित HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को जाम कर निष्क्रिय किया गया, और ISRO की रीयल-टाइम सैटेलाइट निगरानी ने ऑपरेशन को सफल बनाया।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया : पाकिस्तान ने 8-9 मई को जवाबी हमले की कोशिश की, जिसमें अमृतसर, श्रीनगर, और अन्य सीमावर्ती शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शामिल थे। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम (आकाश, S-400, बराक-8) ने इन हमलों को नाकाम कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान : 6 जून 2025 को कटरा, जम्मू-कश्मीर में एक जनसभा में पीएम मोदी ने कहा, “अब जब भी पाकिस्तान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम सुनेगा, उसे भारत की ताकत और उसकी शर्मनाक शिकस्त याद आएगी।” उन्होंने इसे पहलगाम हमले के खिलाफ भारत की इच्छाशक्ति और कश्मीरियत पर हमले का जवाब बताया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
X पर पोस्ट्स में ऑपरेशन सिंदूर को “न्याय की अखंड प्रतिज्ञा” और “पाकिस्तान के लिए अंतिम श्मशान यात्रा” तक कहा गया, जो भारत में इस कार्रवाई के प्रति गर्व और पाकिस्तान के प्रति आक्रोश को दर्शाता है। पाकिस्तानी यूजर्स ने इसे “भारत की बزدली” बताने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इन दावों को खारिज कर दिया।