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लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, SIR पर उठाए सवाल
“ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” के नारों से गूंजा प्रदर्शन स्थल

 

गौतमबुद्धनगर । लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत आज सूरजपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, सीटू, जनवादी महिला समिति, अखिल भारतीय किसान सभा तथा विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों, मतदाता सूची की पारदर्शिता तथा संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दे उठाते हुए “लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ” और “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” के नारे लगाए।
प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राष्ट्रपति महोदय के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एसडीएम महोदय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे रद्द करने, मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा एवं पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने तथा चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में नाम का होना प्रत्येक पात्र नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा विषय है। उनका आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं रह पाए हैं। उत्तर प्रदेश की जनवरी 2026 की मसौदा मतदाता सूची में लगभग 2.89 करोड़ नाम पिछली सूची की तुलना में शामिल नहीं थे, हालांकि बाद की दावा-आपत्ति प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम पुनः जोड़े गए।
ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग उठाई कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी हो जिसमें किसी भी पात्र नागरिक को केवल दस्तावेजी कठिनाइयों अथवा प्रक्रिया की जटिलता के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े। साथ ही नए मतदाताओं के पंजीकरण को सरल बनाने तथा मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की तथा ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने तथा निर्वाचन आयुक्तों की जवाबदेही से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा की मांग भी शामिल रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता, मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर अपनी बात लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठानी चाहिए।
किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं एवं किसान सभा के अनेक साथी प्रदर्शन में शामिल हुए। कार्यक्रम में सीपीएम जिला सचिव रामसागर, सीपीआई नेता कामरेड बृजेश कुमार, सीटू जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार, महामंत्री रामस्वारथ, अशोक कुमार, जनवादी महिला समिति की नेता आशा यादव, रेखा चौहान सहित किसान सभा, सीपीएम, सीटू, सीपीआई एवं अन्य जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े सवालों पर संघर्ष को आगे भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा तथा मतदाता अधिकार, पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाती रहेगी।
प्रमुख रूप से उपस्थित:
डॉ. रूपेश वर्मा, अध्यक्ष किसान सभा; रामसागर, जिला सचिव सीपीएम; कामरेड बृजेश कुमार, सीपीआई; मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष सीटू; रामस्वारथ, महामंत्री सीटू; अशोक कुमार; आशा यादव; रेखा चौहान सहित किसान सभा, सीपीएम, सीटू, जनवादी महिला समिति एवं अन्य जनसंगठनों के नेतागण एवं कार्यकर्ता।

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