काश पीएम मोदी इन देशों से ही कुछ सीख ले लें। दरअसल ट्रंप ने ईरान वाले युद्ध में होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए दुनिया के करीब 7-8 सहयोगी देशों से युद्धपोत (warships) भेजने की अपील की थी। चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया वगैरह। लेकिन सबने मना कर दिया या हिचकिचा रहे हैं! जापान और ऑस्ट्रेलिया तो सीधे इनकार कर चुके बाकी भी “चर्चा कर रहे हैं” बस, कोई कमिटमेंट नहीं।
मतलब अमेरिका होर्मुज पर अकेला पड़ गया। ईरान ने स्ट्रेट को US-इजरायल जहाजों के लिए बंद कर रखा है (दूसरों को तो जाने दे रहा है), तेल-गैस सप्लाई अटक गई, कीमतें आसमान छू रही हैं। ट्रंप Truth Social पर लिख रहे हैं “हम जल्द खोल देंगे, एक न एक तरीका निकालेंगे”, लेकिन दोस्तों ने साथ छोड़ दिया।

