कार्रवाई के दौरान संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश
ऋषी तिवारी
बाहरी उत्तरी जिले की बवाना थाना पुलिस ने अवैध गैस सिलेंडर भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस ऑपरेशन में 75 LPG सिलेंडर बरामद किए हैं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की समय पर की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़े हादसे को टाला गया है।
गुप्त सूचना पर पड़ा शिकंजा
बाहरी उत्तरी जिले के डीसीपी हरेश्वर स्वामी के मार्गदर्शन में पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-2, DSIIDC स्थित जिला पार्क के पास अवैध रूप से LPG सिलेंडरों का भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए बवाना थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पिकेट लगाकर निगरानी शुरू की।
करीब 4 बजे पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 27 LPG सिलेंडर बरामद हुए, जिनमें घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर शामिल थे। वाहन चालक अनिल (50), निवासी औचांदी गांव, जब पुलिस के सामने सिलेंडरों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में नाकाम रहा, तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में खुले और राज, कई जगहों से बरामद हुए सिलेंडर
आरोपी से शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अनिल ने बताया कि उसने पास के ही फैक्ट्री क्षेत्र में स्थित कुछ कमरों और एक लोहे के शेड में बड़ी संख्या में और सिलेंडर छिपा कर रखे हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस टीम ने तत्काल उन ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से 48 और सिलेंडर बरामद किए गए। इस तरह इस पूरे ऑपरेशन में कुल 75 LPG सिलेंडर (भरे और खाली दोनों अवस्था में) जब्त किए गए।
बिना लाइसेंस की दुकान, बड़े हादसे का था खतरा
जांच में सामने आया है कि आरोपी के पास गैस सिलेंडर रखने का कोई लाइसेंस नहीं था। वह बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के आवासीय और औद्योगिक इलाके के बीच अवैध रूप से सिलेंडरों का भंडारण कर कालाबाजारी के जरिए मोटा आर्थिक लाभ कमा रहा था। घनी बस्ती और फैक्ट्री एरिया होने के कारण इन ज्वलनशील सिलेंडरों का बिना सुरक्षा नियमों के भंडारण किसी भी समय एक भयानक आग लगने या ब्लास्ट की घटना को अंजाम दे सकता था।
डीसीपी ने कहा- ‘जीरो टॉलरेंस’, जांच जारी
इस मामले पर बाहरी उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) हरेश्वर स्वामी ने कहा, “यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। आरोपी से पूछताछ कर पूरे सप्लाई नेटवर्क, खरीदारों और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा रही है। ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
वहीं, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच में जुट गई है, ताकि इस रैकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

