Site icon Thenews15.in

महामृत्‍युंजय मंत्र के जाप से होते है भगवान शिव प्रसन्न

शिव

पौराणीक कथाओ की मान्यता के अनुसार शिव जी के भक्त थे जीनका नाम मृकण्ड था यह एक ऋषि थे। यह भगवान शिव जी की अधिक पूजा अर्चना करते थे और यह हमेशा शिव जी की पूजा में लीन रहते थे. बात करे मृकण्ड ऋषि जी की तो इनकी कोई संतान नहीं थी और यह संतान की प्राप्ति चाहते थे. और यह बहुत अच्छे से इस बात से परिचित थे की इन पर अगर भगवान शिव जी अपना आशीर्वाद बना दे तो इन्हे और इनकी पत्नी को संतान प्राप्ति हो जाएगी।

Exit mobile version