राकेश जाखेटिया
बहुत सोचता हूं कि मैं अपने संपर्क में आये सभी शुभचिंतकों एवं आलोचको को खुश रखूं परंतु काश ऐसा हो ना सका । मैं क्यों खुश रहता हूं ? बस सामने वाले का ध्यान इस पर ही रहता है । मैं किसी से भी बराबरी करना नही चाहता। ना तो मैं बहुत शिक्षित हूँ और ना ही अशिक्षित हूँ । हां हर सोसाइटी में मैं अपने को एडजस्ट कर लेता हूँ । बाल्यकाल से ही कुछ ना कुछ अच्छे बुरे का ज्ञान रहा ।

भरत की भूमि , महात्मा विदुर का आश्रम,
मालन नदी का किनारा , पहाड़ों की तलहटी, जनपद बिजनौर का गंगा से घिरा होना …… साथ में नजीबाबाद की जन्मभूमि पर हमेशा गोराविंत की होता रहा।
ग्रामीण जीवन से लेकर महानगरों की भव्यता को बहुत निकटता से देखने का अवसर मिला। सामाजिकता , व्यवहारिकता, धार्मिकता, राजनीति , परिवार का महत्व, मित्रता , व्यापार एवं आपसी दुश्मनी को बहुत अच्छी तरह समझता हूँ । सामने वाला क्या चाहता है दो-तीन संवाद से स्पष्ट हो जाता है। सामने वाले की संवाद की सीमा को भी समझता हूँ । मैं आर्थिक संपन्न समाज , बुद्धिजीवियों के साथ-साथ अपनी सीमाओं को तथा व्यापार , नौकरी पेशे का दर्द भी समझता हूँ ।

इंग्लिश नहीं आती फिर भी वर्ल्ड फेमस इंग्लिश मीडिया में काम किया , इंग्लिश नहीं आती इंग्लिश प्रोफेशनल स्कूल के संचालन में सहयोग किया , इंग्लिश नहीं आती इंग्लिश एडवरटाइजिंग एजेंसी के संचालन में कई दशकों तक सहयोग दिया ।
स्कूल टाइम से ही राजनीति को समझने का अवसर मिला। इसी कारण अनेकों बार चुनाव लड़ने का अवसर मिला । चुनाव जीते भी और हारे भी । कुल मिलाकर समाज और राजनीति को समझने का अवसर मिला। जीवन में जितनी भी आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता बनती गई ईश्वर उसे यथा संभव समय पर पूरा करता रहा है । पहले आवश्यकता बनती फिर ईश्वर उसको पूरा करने के लिए माध्यम भी दे देता ।
69 वर्ष के जीवनकाल में पूर्वजों , परिवार , समाज , राजनीति ,व्यवसाय , रिश्तेदारों , बुद्धिजीवियों , साहित्यकारों , मित्र मंडली , सहपाठि , आलोचकों आदि अनेकों क्षेत्रों से भरपूर मार्गदर्शन , अनुभव एवं स्नेह मिला । हां यह सही है कि मैं ईश्वरीय शक्तियों में पूर्ण आस्था रखता हूं परंतु मैं सनातनी पूजा पाठ में अधिक समय नहीं दे पाया।
सामाजिकता के क्षेत्र में ‘मानस’ यानी माहेश्वरी नवयुवक सभा तथा विद्यार्थी जीवन से राजनीति में सक्रिय रहा । आर्थिक क्षेत्र की राजनीति में टाइम्स ऑफ़ इंडिया थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट एंड क्रेडिट सोसाइटी , मित्रों के क्षेत्र में बिजनौर मित्र मंडल , समाज के क्षेत्र में अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा , साहित्य के क्षेत्र में बिजनौर काव्य मंच के माध्यम से कवि , चिंतक व विचारक के रूप में, पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्र के अनेकों विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर मिला । अनेकों शैक्षणिक संस्थाओं के साथ कार्यकारी मंडल में काम करने का भी अवसर मिला। मुझे जीवन में सबसे ज्यादा खुशी उस दिन मिली ….. जिस स्कूल का मैं साधारण विद्यार्थी था उसी स्कूल का मुख्य अतिथि के रूप में झंडारोहण का अवसर मिला ।
प्रियदर्शनी स्वर्गीय इंदिरा गांधी , स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई , उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चंद्रभान गुप्ता जी , दिल्ली प्रदेश पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष श्री जयप्रकाश जी अग्रवाल , मेट्रो चीफ श्री मंगू सिंह जी , टाइम्स परिवार से साहू अखिलेश जैन , पद्म अवार्ड से सम्मानित श्री सुभाष कश्यप जी पूर्व जनरल सेक्रेटरी पार्लियामेंट , पूर्व राष्ट्रपति के स्वास्थ्य सलाहकार डॉक्टर एम वाली , एमिटी परिवार से आनंद चौहान जी एवं दिल्ली पूर्व विधायक एवं एनडीएमसी पूर्व डिप्टी चेयरमैन श्री कंवर सिंह तंवर एवं राम पेपर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रमोद अग्रवाल जी आदि अनेकों के संपर्क में आने से जीवन का अच्छा अनुभव एवं आनंद लेता रहा ।
विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ अनुभवी व्यक्तियों डॉक्टर, इंजिनियर, एडवोकेट्स , चार्टर्ड अकाउंटेंट्स , कंपनी सेक्रेटरीज, शिक्षाविद , उद्योगपति , साहित्यिकारो , मीडिया कर्मी , रंगमंच के कलाकारो आदि का भी भरपूर आशीर्वाद मिला । ग्रीन व्यू प्रोजेक्ट के माध्यम से हॉर्टिकल्चर यानी हरियाली के क्षेत्र में भी काम करने का अवसर मिला ।

पूरे जीवन काल में सामाजिक जीवन के धनी व इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री जगदीश प्रसाद जाखेटिया का पुत्र , ससुर स्वर्गीय सतीश चंद्र महेश्वरी तथा
दशको पुरानी बाल साहित्य की पत्रिका ‘मनमोहन’ के प्रधान संपादक स्वर्गीय सत्यव्रत जी का धेवता होने तथा अनेकों बहनों का लाडला भाई होने पर हमेशा गौरवान्वित होता रहा । शैक्षणिक शिक्षा के दौरान आदरणीय के सी मठपाल जी , जीवन के प्रारंभिक सेवा काल में रविंद्र जैन ‘राजू भाई साहब’, मीडिया के सेवा काल में साहू रमेश चंद जैन, विज्ञापन सेवा के क्षेत्र में स्वर्गीय एसपी सिंह बेदी , ट्रेड यूनियन लीडरशिप में कॉमेडी रूपचंद जी , इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मंच पर लाने का श्रेय प्रिय आशीष माहेश्वरी , प्रिंट मीडिया में लेखनी को तेज धार देने में चरणजीत सिंह राजपूत , काव्य व साहित्य के क्षेत्र में कविराज प्रदीप ‘डेजी’ माहेश्वरी जी , हिंदी की गूंज का डंका बजाने वाले नरेंद्र सिंह निहार जी , बिजनौर मित्र मंडल के सफल संचालन में स्वर्गीय राकेश शर्मा , माहेश्वरी समाज में श्री नरेंद्र लखोटिया जी आदि अनेकों महानुभावो का जीवन में समय समय पर मार्गदर्शन मिलता रहा ।
गत कुछ वर्षों से साहित्य के प्रति रूचि बढ़ना तथा उसपर काव्यात्मक अपने विचार लिखना कुछ आदत सी बन गई ….. उसमें से लगभग 200 कविताओं के रूप में विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित हुई । सामाजिक एवं साहित्यिक रत्नो पर समय-समय पर विभिन्न पत्र पत्रिकाएं एवं पुस्तकों में प्रकाशित होते रहे ।
वर्तमान में दिल्ली के बॉर्डर पर स्थित कौशांबी में सेंट्रल पार्क में चर्चित पप्पू चौपाल का संस्थापक सदस्य होने पर गौरवान्वित होता हूं जिसका एकमात्र लक्ष्य ‘ हंसी का खजाना लाइए और लुटाइए ‘ । मैं भी पप्पू , तू भी पप्पू , हम सब है पप्पू पप्पू के गीतों से पप्पू चौपाल चहकती रहती है ।
कुछ समय से अनुभवी डॉक्टर प्रोफेसर बी के राठी के संपर्क में आने के उपरांत शेयर मार्केट को समझने का प्रयास कर रहा हूं तथा सामाजिक जीवन का आनंद लेने हेतु ‘ माहेश्वरी चार भाई – दिल्ली ‘ के बैनर तले … गैर राजनीतिक उद्देश्य से हंसी का खज़ाना लूटाने हेतु संगठन पर कार्य चल रहा है ।







