सुनते चलो
बढ़ते चलो
मत टोको
मत रुको
नहीं तो….
चल नहीं
पाओगे
गंध को
मिटाते चलो
सुगंध को
फैलाते चलो
ना जीवन में
आशा रखो
ना जीवन में
निराशा
एकला चलो
सुनते चलो
जिंदगी का सफर
मधुर बनाते चलो
राकेश जाखेटिया
‘मस्तराम’

सुनते चलो
बढ़ते चलो
मत टोको
मत रुको
नहीं तो….
चल नहीं
पाओगे
गंध को
मिटाते चलो
सुगंध को
फैलाते चलो
ना जीवन में
आशा रखो
ना जीवन में
निराशा
एकला चलो
सुनते चलो
जिंदगी का सफर
मधुर बनाते चलो
राकेश जाखेटिया
‘मस्तराम’