24 सितंबर को लेह, लद्दाख में लंबे समय से चली आ रही राज्यता की मांग ने हिंसक रूप ले लिया। जनरेशन-जेड (Gen-Z) छात्रों ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शुरू में शांतिपूर्ण था, लेकिन जल्द ही पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के साथ झड़पों में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय पर हमला किया, पत्थरबाजी की और एक CRPF वाहन को आग लगा दी।
घटना का विवरण
प्रदर्शन का कारण: लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा प्रदान करने की मांग। सोनम वांगचुक पिछले 35 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, जो 2019 में जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटकर लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद से बढ़ रही असंतोष को दर्शाता है। युवा छात्र केंद्र सरकार पर स्थानीय संस्कृति, भूमि और संसाधनों की रक्षा न करने का आरोप लगा रहे हैं।
हिंसा का क्रम: सुबह के समय बड़ी संख्या में छात्रों ने लेह की सड़कों पर रैली निकाली। वे लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (LAHDC) के कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय में घुसपैठ की कोशिश की और आग लगा दी। एक CRPF वाहन को भी निशाना बनाया गया, जिसे जलाया गया।
पुलिस की कार्रवाई: सुरक्षाबलों ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई। लेह और कारगिल दोनों जिलों में भारी पुलिसबंदोबस्त है। कोई हताहत की तुरंत रिपोर्ट नहीं आई, लेकिन दो प्रदर्शनकारी घायल बताए जा रहे हैं।
Gen-Z की भूमिका: प्रदर्शन मुख्य रूप से युवा छात्रों द्वारा संचालित है, जो सोशल मीडिया के जरिए संगठित हुए। वे वांगचुक की मांगों को अपना मुद्दा बना चुके हैं और केंद्र से तत्काल कार्रवाई की अपील कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि
लद्दाख 2019 से केंद्र शासित प्रदेश है, जब अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया। लेह (बौद्ध बहुल) और कारगिल (मुस्लिम बहुल) के प्रतिनिधि संगठन—लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA)—तीन साल से केंद्र से बातचीत कर रहे हैं। अगली बैठक 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही। आज पूर्ण बंद का आह्वान किया गया था, जो हिंसा में बदल गया—यह आंदोलन का पहला ऐसा उग्र रूप है।
वर्तमान स्थिति
प्रदर्शन अभी जारी है, लेकिन सुरक्षाबल स्थिति को काबू में करने में जुटे हैं। केंद्र सरकार LAB और KDA के साथ वार्ता जारी रखने का संकेत दे रही है। सोनम वांगचुक की सेहत चिंता का विषय बनी हुई है। यदि मांगें पूरी न हुईं, तो आंदोलन और तेज हो सकता है।
यह घटना दक्षिण एशिया में Gen-Z की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है, जहां युवा भ्रष्टाचार, असमानता और स्थानीय अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।







