अखिल भारतीय किसान सभा, जिला गौतम बुद्ध नगर इकाई ने नोएडा के फेज-1 होजरी कॉम्प्लेक्स में चल रहे मजदूर आंदोलन के दौरान मजदूरों एवं उनके नेताओं पर हो रहे दमन और उत्पीड़न की कड़ी निंदा की है।
प्रेस को जारी बयान में जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में मजदूरों के श्रम अधिकारों में लगातार कटौती हो रही है। मजदूरों से 8 घंटे के स्थान पर 12 घंटे तक कार्य कराया जा रहा है, ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा वेतन भी अत्यंत कम (₹11,000–₹12,000 प्रतिमाह) दिया जा रहा है। मजदूरों को अपना परिवार चलाना संभव हो गया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के यूनियन बनाने और अपनी आवाज उठाने के अधिकार भी सीमित किए जा रहे हैं, जिसके कारण नोएडा में यह आंदोलन स्वतःस्फूर्त रूप से उभरा है।
किसान सभा ने मांग की है कि मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, न्यूनतम वेतन कम से कम ₹26,000 प्रतिमाह निर्धारित किया जाए तथा श्रम कानूनों/लेबर कोड्स की पुनर्समीक्षा कर मजदूर हितों की सुरक्षा की जाए। इस आंदोलन का नेतृत्व सीटू द्वारा किया जा रहा है, जिसमें अन्य मजदूर संगठनों का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है।
किसान सभा ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूर नेताओं गंगेश्वर दत्त शर्मा एवं रामस्वरात को पुलिस द्वारा नजरबंद किया गया है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। संगठन ने इन नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है। डॉ. वर्मा ने कहा कि मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से हल करने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। अंत में किसान सभा ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि मजदूरों के हितों की रक्षा करते हुए उनके अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए तथा वर्तमान आंदोलन का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाए।
मजदूरों के दमन-उत्पीड़न की किसान सभा ने की कड़ी निंदा

