ग्रेटर नोएडा, विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई में किसान सभा ने उठाई जनता की आवाज – एचपीसीएल का लाइसेंस रद्द करने की मांग
आज गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निजी बिजली कंपनी एनपीसीएल से संबंधित जनसुनवाई आयोजित की गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने जनहित में प्रमुख मुद्दे उठाए।
जिला सचिव गुरप्रीत एडवोकेट, मोनू मुखिया, देशराज राणा, ओमदत्त शर्मा समेत कई सदस्यों ने सुनवाई में भाग लिया।
गुरप्रीत एडवोकेट ने आरोप लगाया कि एनपीसीएल कंपनी आयोग के नियमों की खुलकर अवहेलना कर रही है —
उपभोक्ताओं पर मनमाने ढंग से बिजली चोरी के फर्जी मुकदमे दर्ज कर अवैध वसूली की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी दरों पर बिल भेजे जा रहे हैं, जबकि आपूर्ति ग्रामीण शेड्यूल के अनुसार हो रही है।
उपभोक्ताओं को बिना सहमति जबरन मीटर लगाए जा रहे हैं और अत्यधिक बिल भेजकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
मोनू मुखिया ने कहा कि एनपीसीएल कंपनी की मनमानी और मुनाफाखोरी ने ग्रामीण उपभोक्ताओं का जीना दूभर कर दिया है।
किसान सभा ने आयोग से एनपीसीएल का लाइसेंस तत्काल रद्द करने और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को यूपीपीसीएल के हवाले करने की मांग की, ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके और बिजली जैसी आवश्यक सेवा पर निजी मुनाफाखोर कंपनियों का नियंत्रण समाप्त हो।

