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हरियाणा में बायोमेट्रिक सिस्टम के खिलाफ किसानों के संघर्ष और पंजाब में फसल नुकसानी का ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा पूरी करने की मांग का किसान पंचायत ने किया समर्थन

कृषि मंत्री का किसानों की आय 8 गुना बढ़ जाने का दावा फर्जी

अमरोहा (उ प्र) में 19 अप्रैल और सीधी (म प्र) में 7 जून को होगी किसान मजदूर पंचायत

 

किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित 340वीं किसान पंचायत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
डॉ सुनीलम ने हरियाणा में बायोमेट्रिक सिस्टम के खिलाफ किसानों के संघर्ष और पंजाब में फसल नुकसानी का ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा पूरी करने की मांग का समर्थन करते हुए देशभर के किसान संगठनों से पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों की एकजुटता से प्रेरणा लेने की जरूरत बतलाई।
डॉ सुनीलम ने कहा कृषि मंत्री का किसानों की आय 8 गुना बढ़ जाने का दावा फर्जी है वास्तविकता में किसानों की आमदनी आधी रह हुई है।
किसान पंचायत को हरियाणा से अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह, बिहार से किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा, पंजाब से पंजाब किसान यूनियन के महासचिव गुरनाम सिंह भिक्की, महाराष्ट्र से शेतकरी विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष हुसैन खान, छत्तीसगढ़ से भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही सहित विभिन्न राज्यों के किसान नेताओं ने संबोधित किया।
रीवा से किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता एड. शिवसिंह, छिंदवाड़ा से प्रदेश अध्यक्ष एड. आराधना भार्गव, मालवा-निमाड़ क्षेत्र संयोजक रामस्वरूप मंत्री, भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर, सिंगरौली से एड. अशोक सिंह पैगाम, अनूपपुर से रामपुर बटुरा खुली हुई खदान परियोजना प्रभावित किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेश शर्मा तथा ग्वालियर से किसंस के प्रदेश सचिव शत्रुघन यादव सहित कई पदाधिकारियों ने विचार रखे।
किसान पंचायत में हरियाणा में गेहूं खरीद हेतु बायोमेट्रिक सिस्टम के खिलाफ चल रहे संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन के समर्थन में, पंजाब में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हुई गेहूं की फसल का प्रति एकड़ ₹50,000 मुआवजा और कर्ज माफी की मांग को लेकर चल रहे किसानों के आंदोलन के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए गए।
किसान पंचायत में बिजली विभाग की लापरवाही से फसल जलने पर लागत से डेढ़ गुना मुआवजा दिए जाने, जंगली जानवरों और छुट्टा पशुओं द्वारा किसानों को हो रहे नुकसान की भरपाई करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने, युद्ध के परिणाम स्वरुप छोटे कारखाने बंद होने, मजदूरों के बेरोजगार होने, महंगाई बढ़ने, खाद संकट आदि मुद्दों को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए।
हरियाणा के आंदोलन की विस्तृत जानकारी अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह तथा राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह द्वारा दी गई।
पंजाब से पंजाब किसान यूनियन के महासचिव गुरनाम सिंह भिक्की ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पंजाब में एक लाख 25 हजार एकड़ की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है लेकिन सरकार द्वारा अभी तक किसानों को कोई राहत नहीं दी गई है।
किसान पंचायत को संबोधित करने वाले सभी किसान नेताओं ने संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पंजाब और हरियाणा में चलाए जा रहे आंदोलन की प्रशंसा की तथा पंजाब के किसानों की समस्याओं और मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को ₹50000 प्रति एकड़ मुआवजा की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आंदोलन चलाए जाने, किसान संगठनों के सुझाव के बाद आढ़तियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल वापस लिए जाने की जानकारी साझा की गई।
किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा ने महाराष्ट्र में तेंदुओं से किसानों को हो रहे जान माल के नुकसान की विस्तृत जानकारी देते हुए सरकार से नीति बनाने की मांग की।
शेतकरी विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष हुसैन खान ने विदर्भ में किसानों की आत्महत्या और महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं को साझा किया।
मध्य प्रदेश किसान संघर्ष समिति की प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव ने माचागोरा छिंदवाड़ा में आयोजित की गई किसान मजदूर पंचायत के निर्णयों के अनुसार छिंदवाड़ा जिलाधीश कार्यालय पर प्रदर्शन करने तथा विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर ने गेहूं खरीद केंद्र पर बारदाना उपलब्ध न होने, स्लॉट बुकिंग और तकनीकी दिक्कतों के कारण किसान को होने वाली परेशानियों पर आक्रोश प्रकट किया । उन्होंने सरकार से गेहूं के साथ साथ चना, मसूर की खरीद करने की मांग की।
संयुक्त किसान मोर्चा रीवा के संयोजक एड शिवसिंह ने छुट्टा पशुओं और जंगली जानवरों द्वारा किसानों की नष्ट हुई फसलों का मुआवजा देने मांग की तथा आगामी 7 जून को सीधी में किसान मजदूर पंचायत की जानकारी दी।
अनूपपुर से रामपुर भटूरा खुली खुली खदान परियोजना प्रभावित किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेश शर्मा ने भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने, कंपनियों को होने वाले लाभ में किसानों को न्याय पूर्ण भागीदारी देने की वकालत की।
सिंगरौली से एड अशोक सिंह पैगाम ने कहा कि किसान और आदिवासी संकट में है। बड़े पैमाने पर प्राकृतिक संसाधनों की लूट की जा रही है तथा दमन जारी है।
उन्होंने प्रदेश के किसान, मजदूर, आदिवासी संगठनों से सिंगरौली में चल रहे संघर्ष को समर्थन करने की अपील की।
प्रदेश सचिव शत्रुघन यादव ने आलू-प्याज उत्पादक किसानों को उचित दाम न मिलने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री पश्चिम बंगाल जाकर किसानों को भ्रमित कर रहे हैं। किसान पंचायत का संचालन रामस्वरूप मंत्री ने किया।

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