उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। कमाल अख्तर मुरादाबाद की कांठ सीट से विधायक हैं. उनके इस्तीफे के बाद सपा विधानमंडल दल में बदलाव देखने को मिला है। दरअसल, सांसद रुचि वीरा से उनकी अनबन के बाद लखनऊ में आलाकमान ने मीटिंग बुलाई थी और आज इस्तीफे की खबर आई है। इससे पहले मनोज पांडे समाजवादी पार्टी के विधानसभा में सचेतक थे, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग करके सपा छोड़ी थी अब बीजेपी सरकार में मंत्री हैं।
‘अखिलेश यादव के कहने पर दिया इस्तीफा’
वहीं अपने पद से इस्तीफा देने के बाद कमाल अख्तर ने कहा कि अखिलेश यादव के आदेश पर उन्होंने ये इस्तीफा दिया है। उनका आदेश मेरे लिए सर्वोपरि है. बदलाव प्रकृति का नियम है।
कमाल अख्तर पर रुचि वीरा पड़ीं भारी?
माजवादी पार्टी सांसद रुचि वीरा से विवाद के चलते सपा में घमासान देखने को मिल रहा है। कमाल अख्तर के इस्तीफा के बाद सियासी गलियारों में ये चर्चा है कि क्या कमाल अख्तर पर रुचि वीरा भारी पड़ गई हैं।
इस बात से नाराज थीं रुचि वीरा
बता दें कि सपा सांसद रुचि वीरा पीडीए मीटिंग में न बुलाने से नाराज थीं. अखिलेश यादव से उन्होंने कमाल अख्तर की शिकायत की थी। कहा जा रहा है कि दोनो के बीच गुटबाजी चल रही है. वहीं रुचि वीरा को खुश करने के लिए अखिलेश यादव ने कमाल अख्तर के पर काटे, दबाव में कमाल अख्तर ने विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है।
AIMIM लगा चुकी मुस्लिम नेताओं के अपमान का आरोप
वहीं इसके बाद अब एआईएमआईएम नेता अखिलेश पर फिर निशाना साध सकते हैं। हाल ही में ओवैसी की पार्टी के प्रवक्ता शादाब चौहान ने अखिलेश यादव पर सपा में मुस्लिम नेताओं का अपमान कराने के आरोप लगाए थे।

