अहमदाबाद प्लेन क्रैश (12 जून 2025) की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर अमेरिकी मीडिया और जांच एजेंसियों के दावों को लेकर। भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट और अन्य स्रोतों के आधार पर, निम्नलिखित पांच बिंदु इस मामले में महत्वपूर्ण हैं और अमेरिकी दावों पर सवाल उठाते हैं:
फ्यूल स्विच का एक सेकंड में बंद होना असंभव: AAIB की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में एक सेकंड के भीतर चले गए, जिससे इंजन को ईंधन आपूर्ति रुक गई। पूर्व भारतीय वायुसेना पायलट कैप्टन एहसान खालिद ने कहा कि मैथमेटिकली यह असंभव है कि कोई पायलट इतनी तेजी से दोनों स्विच बंद कर दे। यह दावा अमेरिकी मीडिया के उस आरोप को कमजोर करता है कि पायलट ने जानबूझकर ऐसा किया।
पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति: कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में रिकॉर्ड हुई बातचीत में एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “आपने इंजन क्यों बंद किया?” जिसका जवाब था, “मैंने नहीं किया।” यह दर्शाता है कि पायलटों में भ्रम था और कोई जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद करने का इरादा नहीं था। यह अमेरिकी मीडिया के दावों को संदिग्ध बनाता है।
बोइंग और अमेरिकी एजेंसियों की सफाई: अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ और ‘रायटर्स’ ने दावा किया कि कैप्टन सुमीत सभरवाल ने फ्यूल स्विच बंद किए। लेकिन बोइंग और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने कहा कि फ्यूल कंट्रोल स्विच का डिज़ाइन सुरक्षित है। यह सवाल उठाता है कि क्या अमेरिका बोइंग को बचाने के लिए पायलटों पर दोष मढ़ रहा है।
जांच की विश्वसनीयता पर सवाल: भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अमेरिकी मीडिया की अटकलों को NTSB ने भी खारिज किया, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
तकनीकी खामियों की संभावना: कुछ विशेषज्ञों ने बर्ड स्ट्राइक या उच्च तापमान (43°C) को इंजन प्रदर्शन पर प्रभाव डालने वाला कारण बताया। साथ ही, एक यात्री आकाश वत्स ने पहले उ同じ विमान में तकनीकी खामियों (एसी की समस्या) की शिकायत की थी। ये बिंदु विमान की तकनीकी खराबी की ओर इशारा करते हैं, न कि पायलट की गलती की।

