कहीं पीने के पानी का संकट,तो कहीं गंगाजल की बर्बादी
जिम्मेदारों की उपेक्षा से हजारों लीटर गंगाजल की बर्बादी
कहीं पाइप का पानी नाला में, तो कहीं नाला का दूषित पानी पाइप में जा रहा है
शिकायत बाद भी जिम्मेदार नहीं लेते हैं नोटिस
राम विलास
राजगीर। एक तरफ नगर परिषद सहित प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जल संकट दिन पर दिन गहराता जा रहा है, तो दूसरी तरफ पेयजल की बर्बादी बड़े पैमाने पर हो रही है। पानी बर्बादी पर रोक लगाने की यहां कोई रणनीति नहीं है।
फलस्वरूप करोड़ों खर्च के बाद भी हर घर नल जल योजना से सभी घरों की प्यास नहीं बुझ रही है। राजगीर में हर घर गंगाजल आपूर्ति का दावा किया जाता है। वहीं नगर परिषद द्वारा 10 वार्डों में टैंकर से जलापूर्ति का दावा किया गया है।
प्रचंड गर्मी शुरू होते ही प्रखंड के अधिकांश हिस्सों में पेयजल संकट सिर चढ़कर बोलने लगा है. सूत्रों की माने तो पीएचईडी की लापरवाही के कारण जल संकट विकराल होते जा रहा है. पेयजल के लिए लोग भटक रहे हैं।
नल जल योजना से जलापूर्ति नहीं होने पर गांव के बाहर के बोरिंग पर से पानी लाकर प्यास बुझाने के लिए ग्रामीण मजबूर हैं। नगर परिषद, राजगीर में भी वाटर सप्लाई का हाल अच्छा नहीं है।
शहर में मनमाने समय से एक बार जलापूर्ति की जाती है। ऊंची जगहों पर पानी नहीं पहुंचने और पाइप लीकेज होने से पानी बर्बाद होने की शिकायत है। वार्ड पार्षद डाॅ अनिल कुमार बताते हैं कि शहर के ब्लॉक रोड में आर्य समाज मंदिर के पास चार दिनों से गंगाजल के मेन पाइप में बड़ा लीकेज है।
पूरे दिन लाखों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। सूचना देने के बाद भी पीएचईडी के तरफ से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

