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ईरान ने पाकिस्तान में बातचीत से किया था इनकार, अब आई अराघची की सफाई, इशाक डार ने कहा- THANK YOU भाई

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने हाल ही में एक बयान जारी कर पाकिस्तान में प्रस्तावित बातचीत (या मध्यस्थता) से इनकार वाली खबरों को साफ किया है।
अराघची की सफाई
अराघची ने कहा कि ईरान ने कभी भी इस्लामाबाद आने या पाकिस्तान की मध्यस्थता से इनकार नहीं किया। उन्होंने जोर दिया कि ईरान पाकिस्तान के प्रयासों के लिए गहरा आभार व्यक्त करता है। उनका मुख्य फोकस अमेरिका-इजराइल के साथ लगे “अवैध युद्ध” को समाप्त करने की शर्तों पर है, न कि किसी बैठक से इनकार पर। उन्होंने कहा: “हम एक व्यापक और स्थायी समाधान चाहते हैं।”
यह सफाई उन मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों के जवाब में आई, जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत या पाकिस्तानी मध्यस्थता को ठुकरा दिया है। ईरानी दूतावास ने भी कुछ फर्जी खबरों (खासकर इजराइली, भारतीय या अफगानी अकाउंट्स से फैलाई गई) को खारिज किया था, जो पाकिस्तान-ईरान संबंधों को खराब करने की कोशिश कर रहे थे।

 

इशाक डार का “Thank You भाई”

 

पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने इस सफाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अराघची का शुक्रिया अदा किया और क्षेत्रीय शांति के लिए दोनों देशों के बीच समन्वय पर जोर दिया। हाल ही में डार और अराघची के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें हमलों को रोकने, कूटनीति और डी-एस्केलेशन की अपील की गई। डार ने पाकिस्तान की भूमिका को दोहराया कि वह क्षेत्र में शांति प्रयासों का समर्थन करता है।
पाकिस्तानी पक्ष लगातार दावा कर रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष संदेश-आधारित बातचीत चल रही है (पाकिस्तान के जरिए), जिसमें अमेरिका ने 15 पॉइंट्स का प्रस्ताव भेजा था। ईरान इसे “समीक्षा” कर रहा है, लेकिन प्रत्यक्ष बातचीत या पाकिस्तान में बैठक पर अभी सहमति नहीं बनी।

पृष्ठभूमि

यह सब ईरान-इजराइल-अमेरिका तनाव (2026 के संदर्भ में) के बीच हो रहा है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान ने सऊदी, तुर्की और मिस्र जैसे देशों के साथ भी बैठकें की हैं। ईरान ने पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना की है, लेकिन जोर दिया है कि कोई भी समाधान “स्थायी” और “ईरान के हितों” के अनुरूप होना चाहिए।
कुल मिलाकर, अराघची की सफाई ने पाकिस्तान की “लाज बचाई” जैसी स्थिति को सुधार दिया और दोनों देशों के बीच दोस्ती (پاکستان زنده باد) को दोहराया। डार का “Thank You” इसी सकारात्मक नोट पर आया।

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