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चम्पारण में तुषार गांधी का अपमान यानी महात्मा गांधी का अपमान

13 जुलाई को तुषार गांधी के नेतृत्व में पूर्वी चम्पारण जिले के तुरकौलिया गांव में ’बदलो बिहार, बनाओ नई सरकार’ यात्रा पहुंची तो मुखिया विनय कुमार द्वारा तुषार गांधी को बोलने से रोका गया और अभद्रता की गई। बात यहीं तक सीमित रहती तो अच्छा रहता। लेकिन विनय कुमार ने महात्मा गांधी की विरासत पर भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं। हम इस घटना की निंदा करते हैं।
भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार है। यदि किसी को किसी बात पर आपत्ति है तो वह शालीन तरीके से भी विरोध कर सकता है। विनय कुमार जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े हैं तो जाहिर है वे अपनी सरकार के खिलाफ कुछ नहीं सुनना चाहेंगे। जब यात्रा का विषय ही सरकार बदलो है तो उन्हें बैठक आयोजित ही नहीं करनी चाहिए थी और यदि की तो सम्मानजनक ढंग से उसे सम्पन्न कराना चाहिए था।
बिहार में मतदाता पुनरीक्षण के नाम पर जो मतदाता सूची से वंचित तबकों के लोगों को बाहर करने का प्रयास है वह आपत्तिजनक है। चुनाव आयोग का यह काम ही नहीं है कि वह लोगों की नागरिकता का प्रमाण मांगे। यह काम गृह मंत्रालय का है। ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्रीय चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रही है और भारतीय जनता पार्टी को जिताने के लिए यह सारी कवायद ही जा रही है। हम इसका विरोध करते हैं। हम तुषाार गांधी की यात्रा का समर्थन करते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनका प्रयास रंग लाएगा और आने वाले चुनाव में बिहार में सरकार बदलेगी और एक जन-पक्षीय सरकार का गठन होगा।

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