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भारत की ‘ध्वनि’ हाइपरसोनिक मिसाइल : तुर्की को एजियन सागर में घेरने की ग्रीस की तैयारी

हैलो! आपने जो टाइटल शेयर किया है, वो हाल ही में छपी एक खबर का है, जो भारत की उन्नत मिसाइल तकनीक और ग्रीस-तुर्की तनाव से जुड़ी है। ये खबर काफी सनसनीखेज है, लेकिन इसमें काफी हद तक सच्चाई है। आइए, इसे विस्तार से समझते हैं – आधारित भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स पर, जो ग्रीक मीडिया के हवाले से हैं।

 

तुर्की क्यों ‘फड़फड़ा’ रहा है?

 

ग्रीस की मांग: ग्रीस तुर्की के साथ एजियन सागर (Aegean Sea) में लंबे समय से तनाव में है। तुर्की अपनी नौसेना को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें पाकिस्तान का भी साथ है। लेकिन अब ग्रीस भारत की मदद लेने को तैयार है। ग्रीक न्यूज वेबसाइट पेंटा पोस्टागमा (Penta Postagma) में एक आर्टिकल छपा है, जिसमें सरकार से अपील की गई है कि भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तुरंत खरीदे और आगामी ‘ध्वनि’ हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल का सौदा भी फाइनल करे। इन मिसाइलों से एजियन सागर में तुर्की की नौसेना को “डुबोने” (यानी नष्ट करने) की तैयारी हो रही है, जिससे तुर्की का दबदबा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
तुर्की-पाकिस्तान कनेक्शन: ऑपरेशन सिंदूर (जो भारत-पाक तनाव से जुड़ा था) के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत विरोधी रुख अपनाया था। अब ये जुगलबंदी ग्रीस को तुर्की के खिलाफ हथियार दे रही है। ग्रीस मीडिया का मानना है कि ये भारतीय मिसाइलें तुर्की की सारी “चालबाजियां” विफल कर देंगी।

 

 

‘ध्वनि’ मिसाइल क्या है? प्रमुख फीचर्स

 

भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित ये अगली पीढ़ी की हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) है। ये ब्रह्मोस से भी तेज और घातक होगी:

स्पीड: मच 5 से मच 6 (लगभग 7,400 किमी/घंटा) – इतनी तेज कि कोई एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे अमेरिकी THAAD या इजरायली आयरन डोम) इसे रोक नहीं पाएगा।
तकनीक: स्क्रैमजेट इंजन और दो-स्तरीय लॉन्च सिस्टम। ये कम ऊंचाई पर उड़कर रडार से बच सकती है और दुश्मन को चकमा देगी।
क्षमता: जमीन या समुद्री लक्ष्यों को सटीक निशाना बनाएगी। कमांड मिलते ही क्षणों में नष्ट।
टेस्टिंग: 2025 के अंत तक पहला फुल टेस्ट होने की उम्मीद। सफल होने पर भारत अमेरिका, रूस और चीन के क्लब में शामिल हो जाएगा।

 

ब्रह्मोस का रोल

 

‘ध्वनि’ आने में थोड़ा समय लगेगा, इसलिए ग्रीस पहले ब्रह्मोस पर फोकस कर रहा है। ये पहले से सिद्ध मिसाइल है (फिलीपींस ने 2022 में खरीदी थी)। ग्रीस इसे तुरंत इंटीग्रेट करके तुर्की को घेरना चाहता है।

भू-राजनीतिक प्रभाव

 

 

ये सौदा भारत के लिए बड़ा एक्सपोर्ट बूस्ट होगा। ग्रीस के अलावा कई देश (जैसे वियतनाम, इंडोनेशिया) भारतीय मिसाइलों की ओर रुख कर रहे हैं।
तुर्की के लिए ये झटका है, क्योंकि एजियन सागर में उसकी नौसेना अब असुरक्षित हो जाएगी।

ये खबर मुख्य रूप से भारतीय मीडिया में वायरल है, जो ग्रीक सोर्स का हवाला दे रही है। अगर आप इसमें वीडियो या और डिटेल्स चाहें (जैसे यूट्यूब क्लिप्स), तो बताएं! क्या ये खबर आपको चौंका दिया? 😊

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