चरण सिंह
कोई भी काम भावनाओं के आधार पर नहीं किया जा सकता है। युद्ध के लिए बड़ी तैयारी करनी पड़ती है। रणनीति बनानी पड़ती है। रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, तीनों सेना प्रमुख के साथ बैठक करने के बाद जिस तरह से नेवी और एयरफ़ोर्स के चीफ पीएम मोदी से मिले हैं। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पीएम मोदी से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की है। उससे यह समझ लेना चाहिए कि अब पाकिस्तान से युद्ध होना तय है।
युद्ध की स्तर का होगा यह तो समय ही बताएगा पर जो आंकड़े आ रहे हैं। उनके आधार पर कहा जा सकता है कि पाकिस्तान के पास कोई ज्यादा सौदा (हथियार) नहीं बचा है। पाकिस्तान ने बड़े स्तर पर अपने हथियार यूक्रेन को बेच दिए थे। ऐसे में पाकिस्तान को यह भी समझना होगा कि युद्ध होने की स्थिति में उसे बलूचिस्तान और पीओके भूलना होगा। वैसे भी बलूचिस्तान आज़ादी लड़ाई लड़ रहा है। इसमें दो राय नहीं कि युद्ध छिड़ने के बाद चीन और बांगला देश भारत के सामने दिक्कत पेश कर सकता है। फिर भी भारत अब पाकिस्तान को सबक सिखाते हुए एक बड़ा संदेश देना चाहता है।
दरअसल आतंकी हमले का बदला लेने के लिए विभिन्न नीतियों को अपनाया है, जो सैन्य, कूटनीतिक, आर्थिक और साइबर क्षेत्रों तक फैली हुई हैं। जैसे भारत ने 2016 के उरी हमले और 2019 में पुलवामा हमले के बाद क्रमश सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक की गई थीं। ऐसे ही पहलगाम आतंकी हमले के विरोध बड़ी कार्रवाई पाकिस्तान के खिलाफ की जा सकती है।
देखने की बात यह है कि मामला शांत नहीं हुआ है बल्कि तेजी पकड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि भारत भविष्य में सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक जैसे कदम उठा सकता है। अमेरिका ने भारत के आतंकवाद विरोधी रुख का समर्थन किया है, जिसमें विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ खड़ा है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी हमले की निंदा की है।
भारत ने पाकिस्तान से सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। जानकारी मिल रही है कि पहलगाम आतंकी हमला पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर ने कराया है। ऐसे में भारत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले कर सकता है, जैसा कि बालाकोट में हुआ था। पाकिस्तान के साथ व्यापार और वित्तीय लेनदेन को और सख्त किया जा सकता है। साइबर हमलों को और तेज किया सकता है। चीन और कुछ अन्य देशों ने भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की है, जो भारत की कार्रवाइयों को सीमित कर सकता है।
दरअसल भारत पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए बहुआयामी रणनीति अपना रहा है, जिसमें सैन्य कार्रवाई, कूटनीतिक दबाव, आर्थिक प्रतिबंध, और साइबर हमले शामिल हैं। ये कदम पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन की कीमत चुकाने के लिए मजबूर करने के साथ-साथ भारत की दृढ़ता को दर्शाते हैं।

