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शरीर और मन एक साथ है तो योगी अलग है : भंते प्रज्ञाशील

बिट्टू कुमार
पश्चिम चम्पारण/बेतिया। यदि शरीर और मन एक साथ है तो व्यक्ति योगी है और अलग है तो रोगी है ।हर क्षण हमारे जीवन में परिवर्तन हो रहा है और हम लोग इधर-उधर देखते हैं। हमारे देवी देवता हमारे माता-पिता है। बुद्ध का धम्म बुद्धि वालों के लिए है। बुद्ध कहते हैं मध्यम मार्ग अपनाओ और आगे बढ़ो। उक्त बातें स्थानीय नगर निगम के सभागार में रविवार को प्रधान-भदंत प्रज्ञाशील महाथेरों ने आषाढ़ गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में महाधम्म देशना कार्यक्रम के आयोजन के अवसर पर कही। महाथेरो ने आगे कहा कि पटना के गांधी मैदान में आकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। हमारी पहचान हमारी सांस्कृतिक पहचान बौद्ध है। वही रिटायर्ड डीएसपी रामदास बौद्ध ने कहा कि हमें 17 सितंबर 20 24 को गांधी मैदान को पूरी तरह से भर देना है और अपनी मांगों को मजबूती के साथ रखना है। वही समाजसेवी नंदलाल ने कहा कि बुद्ध अंधविश्वास कर्मकांड से दूर रहने की बात करते हैं ।हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है ।कहा गया है अपना दीपक स्वयं बनो ।वही उषा बौद्ध ने कहा कि अपने बच्चों को पढ़ाया और अंधविश्वास से दूर रखें। जबकि आशा बौद्ध ने कहा कि अपने परिवार के साथ मीटिंग में आए और जानकारी प्राप्त करें। संबोधित करने वालों में जयप्रकाश प्रकाश, मुन्ना बौद्ध, नंदकिशोर चौधरी, प्रज्ञाशील, कुणाल, डॉक्टर प्रेम कुमार, डॉक्टर राजीव कुमार रजक सहित कई अन्य शामिल रहें।

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