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मैं दुनिया को मनाने में लगा हूँ, मेरा घर मुझसे रूठा जा रहा है

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान एक काव्यात्मक टिप्पणी की, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) को निशाना बनाती थी। उन्होंने कहा, “मैं दुनिया को मनाने में लगा हूँ, मेरा घर मुझसे रूठा जा रहा है,” जिसका अर्थ था कि BJP अपने आंतरिक मुद्दों को संभालने में नाकाम रही है, जबकि वैश्विक मंच पर अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रही है। यह टिप्पणी BJP के लिए एक तीखा तंज थी, जिसमें अखिलेश ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह तीसरी बार सरकार बनाने के बावजूद अपनी पार्टी के भीतर एकता बनाए रखने में असफल रहे हैं।

X पर कुछ पोस्ट्स में इस बयान को अखिलेश का निजी राजनीतिक नुकसान, खासकर उत्तर प्रदेश में उनकी हार, से जोड़ा गया। @vrpande797 ने लिखा कि यह पंक्तियाँ अखिलेश के लिए ही ज्यादा सटीक हैं, क्योंकि उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन खो दी है, जबकि वह मोदी को नसीहत देने की कोशिश कर रहे हैं।

BJP की ओर से इस बयान पर कोई सीधा जवाब सामने नहीं आया, लेकिन यह स्पष्ट है कि अखिलेश का यह बयान BJP को आलोचना के दायरे में लाने की कोशिश थी, खासकर उनकी आंतरिक संगठनात्मक चुनौतियों और राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में देरी को लेकर।

यह बयान लोकसभा में चर्चा का विषय बना, और इसे विपक्ष की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें BJP को उनके अपने गढ़ में चुनौती देने की कोशिश की गई।

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