मार्च 2026 में चल रहे ईरान-अमेरिका/इजराइल युद्ध के बीच ईरान ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी (Ras Laffan) पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) एक्सपोर्ट हब है, जहाँ से हीलियम भी बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलता है। कतर दुनिया का लगभग 33% हीलियम सप्लाई करता है ।
हमलों के बाद QatarEnergy ने उत्पादन रोक दिया, और कुछ सुविधाओं को 17% तक स्थायी नुकसान हुआ (QatarEnergy CEO के अनुसार, रिकवरी में 3-5 साल लग सकते हैं)। हीलियम उत्पादन में 14% की गिरावट आई है, और Strait of Hormuz की ब्लॉकेज से एक्सपोर्ट पूरी तरह ठप है।
हीलियम क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
हीलियम एक दुर्लभ गैस है, जिसके कोई आसान विकल्प नहीं। इसका इस्तेमाल होता है:
सेमीकंडक्टर/चिप मैन्युफैक्चरिंग में (क्रिस्टल ग्रोथ और कूलिंग के लिए) — AI, स्मार्टफोन, कंप्यूटर चिप्स प्रभावित।
MRI मशीनों में (मेडिकल इमेजिंग) — अस्पतालों में स्कैन डिले हो सकते हैं। अन्य: रॉकेट फ्यूल, इंडस्ट्रियल वेल्डिंग, पार्टी बैलून आदि।
इस सप्लाई शॉक से हीलियम की कीमतें 50-100% तक बढ़ गई हैं। दक्षिण कोरिया (Samsung, SK Hynix), ताइवान (TSMC), जापान, अमेरिका, भारत आदि देशों में चिप प्रोडक्शन और मेडिकल सर्विसेज पर असर पड़ रहा है।
बड़ा असर
LNG एक्सपोर्ट में 17% कमी → गैस कीमतें बढ़ीं, यूरोप-एशिया को सप्लाई चिंता। भारत पर भी प्रभाव: LPG, PNG, हीलियम से जुड़े MRI और इंडस्ट्री प्रभावित हो सकती है। युद्ध escalation: इजराइल ने ईरान के South Pars गैस फील्ड (जो कतर के साथ शेयर है) पर हमला किया था, जिसका जवाब ईरान ने कतर पर दिया।

