Summer Weather Report 2026: भारत के अधिकतर राज्यों में गर्मी की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार दोपहर को आए आंकड़ों ने दुनिया को चौंकाया है. दुनियाभर के 100 सबसे गर्म शहरों में भारत के 97 शहर रहे। देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में भीषण गर्मी की लहर ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। इससे दोपहर को 45 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा पारा चढ़ गया. AQI.in की मानें तो भारतीय समयानुसार दोपहर 2.50 बजे दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की लिस्ट में ज्यादातर भारतीय शहर ही थे। ओडिशा के बालांगीर में 48 डिग्री तापमान रहा. यह देश का सबसे गर्म शहर रहा।
नेपाल के तीन तो भारत के 97 शहर दुनिया में सबसे ज्यादा गर्म
इनके अलावा बिहार के सासाराम में 48 डिग्री, यूपी के वाराणसी में 47 डिग्री तापमान के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। भारत के अलावा दुनिया के अन्य देशों जिनमें नेपाल के तीन शहर सबसे गर्म रहे. यहां धांगड़ी 23वें, नेपालगंज 34वें और लुम्बिनी सांस्कृतिक 76वें स्थान पर रहे. यहां तापमान 45 डिग्री से 46 डिग्री के बीच रहा।
भारत के गर्म शहरों में मुजफ्फरनगर, अयोध्या, पटियाला, वारंगल, हरिद्वार, ग्वालियर, धनबाद, चंडीगढ़, आगरा, भरतपुर और सिंगरौली शामिल हैं. यहां करीबन 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
हीटस्ट्रोक से जुड़े 300 से ज्यादा मामले आए सामने
इधर, गर्मी बढ़ने की वजह से करीबन 300 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। यह सारी बीमारियां गर्मी से जुड़ी हुई है. रॉयटर्स के मुताबिक राज्य के हेल्थ डिपार्टमेंट ने जानकारी दी कि मार्च की शुरुआत से मई के बीच आंध्र प्रदेश में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के 300 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
आंध्र प्रदेश में 1 मार्च से 19 मार्च के बीच हीट स्ट्रोक से जुड़े 325 संदिग्ध केस दर्ज किए गए हैं. इनमें एक तिहाई मामले मई की शुरुआत से ही सामने आए हैं। रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि लू एक मेडिकल इमरजेंसी है, यह शरीर गर्म ज्यादा हो जाने से होती है।
राज्यों के अधिकारियों ने लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि इन घंटों के दौरान लू और ज्यादा तापमान अपने चरम पर है। मौसम विभाग ने 22 मई से 27 मई के बीच दिल्ली और अन्य नॉर्थ इंडिया के बड़े हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति रहने का अनुमान लगाया है. इसके अलावा कई अस्पताल के हिस्सों में दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों की लंबी कतारें लग गई हैं. पश्चिमी गुजरात में पानी की समस्या भी सामने आई है।

