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तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए अपने को साबित करना है हर्ष मल्होत्रा को 

चरण सिंह 

बीजेपी ने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दे दी है। हर्ष मल्होत्रा के अनुभव और जमीनी पकड़ का फायदा बीजेपी को मिलेगा। हर्ष मल्होत्रा की पकड़ न केवल पंजाबी समाज बल्कि वैश्य समाज में भी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ तालमेल बनाकर मल्होत्रा दिल्ली में एक अच्छा माहौल बनाने के प्रयास करेंगे। बीजेपी में जो गुटबाजी देखी जा रही है उसे खत्म करने का प्रयास भी करेंगे।

हर्ष मल्होत्रा के सामने बड़ी चुनौतियां भी हैं। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सांसद मनोज तिवारी, सतीश उपाध्याय, राजीव बब्बर, कुलदीज चहल भी  थे। ऐसे में इन नेताओं को साधना भी हर्ष मल्होत्रा के सामने बड़ी चुनौती है। संगठन और सत्ता को साथ लेकर चलना भी उनकी प्राथमिकता में होगा। क्योंकि हर्ष मल्होत्रा रेखा गुप्ता से सीनियर हैं तो रेखा गुप्ता को उनका मार्गदर्शन का लाभ भी मिलेगा।

हर्ष मल्होत्रा को एक ओर जहां पूर्वांचलियों को साधना है वहीं लोकल स्तर पर जाट, गुर्जर और राजपूतों की भी नाराजगी दूर करनी हैं। क्योंकि दिल्ली में जाट, गुर्जर और राजपूत अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। जाट समुदाय से प्रवेश वर्मा जिन्होंने मुख्यमंत्री पद की उम्मीद पाल रखी थी। उनको न तो मुख्यमंत्री बनाया गया और न ही प्रदेश अध्यक्ष। ऐसे में प्रवेश वर्मा की भी नाराजगी उन्हें दूर करनी होगी।

दरअसल हर्ष मल्होत्रा पुराने नेता हैं। 2012 में वह वेलकम से पार्षद चुने गए। 2015 में पूर्वी दिल्ली से मेयर बने। तिल साल तक शिक्षा समिति के अध्यक्ष रहे। आज की तारीख में पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं। कारोपोरेट कार्य मंत्रालय और सड़क परिवहन मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।

हर्ष मल्होत्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती तो आम आदमी पार्टी की आक्रामकता है। क्योंकि बीजेपी भी फ्री की योजनाओं के नाम पर दिल्ली में आई है। खुद प्रधानमंत्री ने जहां झुग्गी वहीं मकान का वादा किया था। अब अतिक्रमण के नाम पर झुग्गी झोंपड़ियों को तोड़ा जा रहा है। गत दिनों झंडेवालान मंदिर के पास प्राचीन मंदिर को तोड़ दिया गया। बताया गया था कि आरएसएस के नेताओं की गाड़ियों की पार्किंग के लिए जगह नहीं थी। ऐसे में हर्ष मल्होत्रा के लिए प्रदेश अध्यक्ष  संभाल रखना बड़ी चुनौती है। अब अगले साल होने जा रहे एमसीडी चुनाव में हर्ष मल्होत्रा की असली परीक्षा होगा।

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