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हर दिल अजीज उपाधीक्षक डाॅ. उमेश चन्द्र कल होंगे रिटायर

डॉ. उमेश चन्द्र के कार्यकाल में सुविधाओं का हुआ विकास

रामविलास
राजगीर। अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डाँ उमेश चन्द्र कल (30 अप्रैल को) रिटायर होंगे. हर दिल अजीज रहे डाँ चन्द्रा सभी स्तर के कर्मियों की केवल सुनते ही नहीं बल्कि उनके हितैषी भी हैं. उनके रिटायर होने का मलाल एक सामान्य कर्मी से लेकर चिकित्सक तक में है. डॉ उमेश चन्द्र को इस अनुमंडलीय अस्पताल का पहला उपाधीक्षक होने का गौरव हासिल है. ये रेफरल अस्पताल, राजगीर के भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रह चुके हैं।

इनके कार्यकाल में अस्पताल की भौतिक व्यवस्था में बहुत बदलाव हुआ है. अस्पताल को रैम्प युक्त न केवल तीन मंजिला भवन मिला है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस भी हुआ है. इस अस्पताल का आँपरेशन थियेटर सहित ग्राउंड फ्लोर के सभी कमरों में वातानुकूलित सिस्टम लगाने का श्रेय डाँ चन्द्रा को जाता है. प्रसव कक्ष को छोडकर अस्पताल में सभी जगह सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं।

 

डिजिटल एक्सरे और गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड के साथ वातानुकूलित पैथोलॉजी लैव की भी व्यवस्था यहां उपलब्ध है. अस्पताल के मरीजों को बढ़िया खाना मिले इसके लिए अस्पताल परिसर में दीदी की रसोई का शुभारंभ इन्हीं के प्रयास से हुआ है. डॉ उमेश चंद्र के कार्यकाल में इस अस्पताल में पाइप लाइन से हर बेड तक ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था हुई है. चिकित्सकों और स्टाफ के लिए अलग अलग क्वार्टर भी बनाया गया है।

पहले यहां एक खटारा एंबुलेंस हुआ करता था. लेकिन वर्तमान में डॉ चंद्रा के पहल से पूर्व सिविल सर्जन डॉ अविनाश कुमार सिंह द्वारा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस तीन एंबुलेंस इस अस्पताल को उपलब्ध है। यहां जच्चा बच्चा के अत्याधुनिक चिकित्सा के लिए अलग से एक बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। यह बिल्डिंग वातानुकूलित सुविधाओं से लैस तो है ही हर बेड तक पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित है।

डॉ उमेश चंद्र को कई बार कुछ लोगों के द्वारा साजिश के तहत बदनाम करने का भी मुहिम चलाया गया. डीएम से लेकर सीएम तक लिखित शिकायत भी की गई. सिविल सर्जन द्वारा उन्हें कुछ महीनों के लिए उपाधीक्षक पद से हटाया भी गया। लेकिन जब सिविल सर्जन की अध्यक्षता वाली जांच दल से गहन जांच की गयी और अस्पताल के सीसीटीवी कैमरा फुटेज को खंगाला गया तो आरोप बेबुनियाद निकला।

जांच टीम के रिपोर्ट केआधार पर डीएम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉ उमेश चंद्र को आरोप मुक्त किया गया है। फिलहाल रिटायर होने तक डाँ उमेश चन्द्र इस अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक पद पर तैनात हैं।

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