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गुजरात महिला कांग्रेस चीफ के बेटे को ATS ने फर्जी पासपोर्ट मामले में किया गिरफ्तार 

गुजरात महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष गीताबेन पटेल के बेटे हरिकेश पटेल को फर्जी पासपोर्ट मामले में गुजरात ATS ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पासपोर्ट कोर्ट में जमा होने के बावजूद हरिकेश ने दूसरे राज्य से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया। जांच के मुताबिक, इसी पासपोर्ट के जरिए वह नेपाल और भूटान समेत कई देशों की यात्रा भी कर चुका है। ATS की जांच में फर्जी दस्तावेजों, कंपनियों और कथित म्यूल अकाउंट से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं।
गुजरात ATS ने हरिकेश प्रणव पटेल को अहमदाबाद के साइंस सिटी इलाके से गिरफ्तार किया है। ATS को सूचना मिली थी कि हरिकेश ने फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाया है। जांच में सामने आया कि हरिकेश 2022 के ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी रहा है और उसका मूल पासपोर्ट कोर्ट में जमा था। बाद में ED की ओर से उसके जमानत आदेश को रद्द कराया गया था।

 

पासपोर्ट खोने की झूठी शिकायत कराई दर्ज

 

ATS के मुताबिक, इसके बावजूद हरिकेश ने अपना पुराना पासपोर्ट खो जाने की झूठी शिकायत दिल्ली क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई. इसके लिए उसने आगरा में किराए पर रहने का कथित फर्जी रेंट एग्रीमेंट भी तैयार कराया।

इसके बाद इसी शिकायत और दस्तावेजों के आधार पर गाजियाबाद RPO में नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और वर्ष 2024 में दूसरा पासपोर्ट हासिल कर लिया। जांच के अनुसार, हरिकेश ने दिल्ली के एक एजेंट के जरिए यह पूरा इंतजाम कराया था. आरोप है कि इसके लिए एजेंट को करीब 25 लाख रुपये दिए गए।
नए पासपोर्ट के जरिए वह नेपाल और भूटान की यात्रा करता था और वहां से बैंकॉक, दुबई और सिंगापुर समेत अन्य देशों में भी गया. जांच में उसके लंबे समय तक दुबई में रहने की बात भी सामने आई है। ATS के मुताबिक, हरिकेश के खिलाफ इससे पहले नारणपुरा और क्राइम ब्रांच में धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज हो चुके हैं और इन मामलों में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी।

 

एटीएस गुजरात के एसपी के. सिद्धार्थ ने कहा कि  पुलिस जांच में हरिकेश के नाम पर कई कंपनियां रजिस्टर्ड होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ कथित फर्जी कंपनियां भी शामिल हैं, जिनके जरिए धोखाधड़ी किए जाने की जांच चल रही है। इसके अलावा जांच एजेंसियों को उसके कथित म्यूल बैंक अकाउंट भी मिले हैं. इन खातों और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है. ATS ने मामले की जानकारी ED को भी दी है।

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