ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 रेलवे विहार में गंगाजल पाइपलाइन की खुदाई के बाद खुले छोड़े गए गहरे गड्ढे में कार गिर गई। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हुई, जबकि चालक जान बाल-बाल बच गई. वहीं, स्थानीय लोगों ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों ने बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड न होने का आरोप भी प्राधिकरण पर लगाया है। अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई और शहरभर के खुले गड्ढों को तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की गई है।
दरअसल, यह पूरा मामला अल्फा सेक्टर बीटा 2 थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां देर रात को सेक्टर अल्फा-1 रेलवे विहार की मुख्य सड़क पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। गंगाजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खोदा गया एक गहरा गड्ढा कई दिनों से बिना बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के खुला पड़ा था. इसके चलते प्रमोद नामक युवक की कार अचानक इस गहरे गड्ढे में जा गिरी. हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि युवक की जान बाल-बाल बच गई।
स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण पर लगाए लापरवाही के आरोप
वहीं, सेक्टरवासियों ने इस घटना को लेकर आरोप लगाया कि शहर को गड्ढा-मुक्त बनाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और विकास के नाम पर जगह-जगह मौत के कुएं खोदे जा रहे हैं. सेक्टरवासियों ने कहा कि युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद भी प्राधिकरण ने कोई सबक नहीं लिया है।
गड्ढे के पास नहीं थे बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड
गौरतलब है कि सेक्टरवासियों का कहा कि यदि इस स्थान पर समय रहते बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए गए होते तो यह हादसा नहीं होता। उनका आरोप है कि संबंधित जल विभाग, तकनीकी विभाग तथा यदि कार्य किसी ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा था तो संबंधित एजेंसी ने अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन नहीं किया. समय पर निरीक्षण और निगरानी होती तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने जल विभाग, तकनीकी विभाग और संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, शहर के सभी खुले गड्ढों को तत्काल भरने और खुदाई वाली जगहों पर रिफ्लेक्टर व बैरिकेडिंग लगाने की मांग उठाई है।