भवेश कुमार
पटना। बिहार में नई पर्यटन नीति की गाइडलाइन जारी हो गई है। नई पर्यटन नीति का उद्देश्य राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटकीय आधारभूत संरचना का निर्माण पर्यटकीय उत्पादों और अवसंरचनाओं का निर्माण कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभाशाली कार्यबल का विकास करना है। नई नीति के तहत सरकार टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों को 25 करोड़ तक का अनुदान देगी।
पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने नीति से जुड़ी गाइडलाइन जारी कर दी है। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश करने पर सीधे वित्तीय सहायता का लाभ पर्यटन विभाग के द्वारा दिया जा रहा है।
इस नीति के तहत 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 30 प्रतिशत अनुदान जबकि 50 करोड़ तक या इससे ज्यादा निवेश पर 25 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। इस नीति के तहत निवेशकों को अधिकतम 25 करोड़ रुपये तक अनुदान का प्रविधान किया गया है।
नीति के अनुसार, न्यूनतम 75 लाख रुपये के निवेश पर भी वित्तीय अनुदान का लाभ लिया जा सकता है। अनुदान की प्रतिपूर्ति वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने पर 50 प्रतिशत, वाणिज्यिक संचालन के दो वर्ष पूरा होने पर 25 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक संचालन के पांच वर्ष पूरा होने पर 25 प्रतिशत के रूप में की जाएगी।
नई पर्यटन नीति का उद्देश्य राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटकीय आधारभूत संरचना का निर्माण, पर्यटकीय उत्पादों और अवसंरचनाओं का निर्माण, कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभाशाली कार्यबल का विकास करना है। इससे पर्यटन के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगी, साथ ही रोजगार भी सृजित होंगे।
पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने वाले निवेशकों को सरकार कई तरह की सुविधाएं भी देगी। सूचीबद्ध होटल, रिजॉर्ट और टूर ऑपरेटर व पर्यटक गाइडों को रोजगार देने पर भी अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा योजना के तहत भूमि रूपांतरण शुल्क की 100% प्रतिपूर्ति की जाएगी।

