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गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर निर्णायक कार्रवाई करे सरकार : सीटू

अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस पर गंगेश्वर दत्त शर्मा ने उठाई मजदूरों के लिए सम्मानजनक जीवन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की मांग

 

गौतम बुद्ध नगर । अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के अवसर पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) गौतम बुद्ध नगर के सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि गरीबी उन्मूलन केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज भी समाज का बड़ा हिस्सा महंगाई, बेरोजगारी, कम मजदूरी और असुरक्षित रोजगार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। विशेष रूप से मेहनतकश मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, महिलाओं और वंचित तबकों को जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ता है।

गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि गरीबी का स्थायी समाधान करने के लिए सभी श्रमिकों को उचित एवं समय पर वेतन, स्थायी रोजगार के अवसर, सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही श्रम कानूनों का प्रभावी पालन, न्यूनतम मजदूरी का अधिकार और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन के नाम पर केवल सहायता देना पर्याप्त नहीं है। ऐसी नीतियों की आवश्यकता है, जो आर्थिक और सामाजिक असमानता को कम करें तथा मेहनतकश जनता को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करें। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भोजन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

सीटू की मांग है कि केंद्र एवं राज्य सरकारें मजदूरों और गरीब मेहनतकश लोगों के हित में ठोस कदम उठाएं, रोजगार के अवसर बढ़ाएं, महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण करें, न्यूनतम मजदूरी में सम्मानजनक वृद्धि करें तथा सभी पात्र श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करें।

अंत में उन्होंने सभी नागरिकों, मजदूरों और जनसंगठनों से गरीबी, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने तथा समानता और सम्मान पर आधारित समाज के निर्माण के लिए आगे आने की अपील की।

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