एक हालिया में स्मार्ट ग्लासेस (smart glasses) के बढ़ते दुरुपयोग की चेतावनी दी गई है। ये चश्मे स्टाइलिश दिखते हैं, लेकिन इनमें छिपा कैमरा बिना किसी को पता चले वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है, और ऐसे रिकॉर्डिंग्स बाद में लीक होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
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कैसे काम करता है? स्मार्ट ग्लासेस (जैसे Ray-Ban Meta या इसी तरह के AI-powered glasses) में छोटा कैमरा लेंस चश्मे के फ्रेम में छिपा होता है। ये रीयल-टाइम में फोन पर वीडियो भेज सकते हैं, और बाहर से देखने में नॉर्मल चश्मे जैसे लगते हैं। कोई LED लाइट या आवाज नहीं निकलती, इसलिए पीड़ित को शक नहीं होता।
कहाँ हो रही घटनाएँ? खबरों में होटल, पार्क, सड़क, कैफे जैसी जगहों का जिक्र है। एक केस में होटल में किसी महिला के प्राइवेट मोमेंट्स की चोरी-छिपे रिकॉर्डिंग की गई और बाद में वीडियो उसे ही भेज दिए गए (ब्लैकमेल या बदला लेने के लिए)।
महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा: ये voyeurism (देखने की बीमारी) और प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन है। कई मामलों में वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो जाते हैं, जिससे पीड़ित को मानसिक आघात, ब्लैकमेल और सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है।
भारत में हाल के समान मामले:
पुरी जगन्नाथ मंदिर में कई बार स्पाई कैमरा ग्लासेस के साथ लोग पकड़े गए (2025 में कई घटनाएँ), जहाँ भक्तों या देवियों की रिकॉर्डिंग की कोशिश की गई।
अन्य जगहों पर स्पाई लाइटर, छिपे कैमरे आदि से voyeurism के केस बढ़े हैं, पुलिस ने गिरफ्तारियाँ की हैं।
होटल रूम्स में छिपे कैमरे या बाहर से रिकॉर्डिंग के वायरल वीडियो (जैसे जयपुर 5-स्टार होटल केस) भी आम हो गए हैं, लेकिन स्पष्ट रूप से चश्मे से वाले केस स्मार्ट टेक्नोलॉजी के आने से नए हैं।
कानूनी स्थिति:
भारत में voyeurism IPC की धारा 354C के तहत अपराध है (महिला की सहमति के बिना प्राइवेट एरिया रिकॉर्ड करना) — 1 से 3 साल तक की जेल + जुर्माना।
अगर वीडियो लीक/शेयर किया जाए, तो IT Act की धारा 66E और 67 भी लग सकती है।
पब्लिक प्लेस में सामान्य रिकॉर्डिंग कानूनी हो सकती है, लेकिन प्राइवेट मोमेंट्स या महिलाओं को टारगेट करना गैरकानूनी है।
सावधानियां क्या रखें?
अनजान लोगों से मिलते समय, खासकर डेट/होटल/पार्क में, अगर कोई बार-बार चश्मा ठीक कर रहा हो या कैमरा जैसा कुछ लगे, तो सतर्क रहें। होटल रूम में लाइट बंद करके फोन कैमरे से चेक करें (छिपे कैमरे IR लाइट दिखाते हैं)।
प्राइवेट मोमेंट्स में फोन/कैमरा दूर रखें और भरोसेमंद जगह चुनें। अगर ऐसा कोई वीडियो लीक हो, तो तुरंत पुलिस में शिकायत करें (साइबर सेल) और वीडियो डिलीट/रिपोर्ट करवाएँ।

