रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि सीबीआई अधिकारी पिछले कुछ हफ्तों से फोन इंटरसेप्ट के जरिए कॉल सुन रहे थे। बीते कई दिनों से आरोपियों पर उनकी नजर थी।
चार आरोपियों की हुई पहचान : सीबीआई ने चार से ज्यादा लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया है। इनमें से कुछ की पहचान महाराष्ट्र निवासी कमलाकर प्रेम कुमार बांदगर, कर्नाटक निवासी रवींद्र विट्ठल नाइक, दिल्ली निवासी महेंद्र पाल अरोड़ा और अभिषेक बूरा के रूप में हुई है।
राज्यपाल बनाने तक का करते थे वादा : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि लोगों को झूठा आश्वासन देकर धोखा देने के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। ये लोग राज्यसभा में सीटों की व्यवस्था करने, राज्यपाल बनाने या फिर सरकारी संगठनों, मंत्रालयों और विभागों के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति कराने तक वादा करते थे। इसके बदले करोड़ों रुपये की मांग की जाती थी।