देव मणि शुक्ल
नोएडा स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने एक दुर्लभ सर्जरी में सफलता प्राप्त की है। डॉक्टर्स ने रोबोट की मदद से सर्जरी करके 85 साल के एक बुजुर्ग की 437 ग्राम की प्रोस्टेट को सफलतापूर्वक निकालकर नई कामयाबी हासिल की है। यह उत्तर प्रदेश में रोबोट से प्रोस्टेट निकालने के सबसे बड़े मामलों में से एक है।
इस मरीज को पिछले 20 साल से भी ज़्यादा समय से पेशाब से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो रही थीं और उसे 10 साल पहले ही सर्जरी कराने की सलाह दी गई थी। पिछले छह महीनों में उसकी हालत और भी खराब हो गई थी। उसे निचले यूनिरी ट्रैक्ट में गंभीर लक्षण (एलयूटीएस), पेशाब करने में रुकावट, बार-बार पेशाब आना और तेजी से पेशाब आने का दबाव जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे थे। पिछले कई महीनों से, मरीज कैथेटर (पाइप) पर निर्भर हो गया था, जिससे उसकी
जीवनशैली पर बहुत बुरा असर पड़ रहा था।
फोर्टिस नोएडा में जांच के बाद, मरीज को बेनिन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (बीपीएच) नामक बीमारी होने का पता चला। यह प्रोस्टेट का कैंसर-रहित, लेकिन गंभीर लक्षणों वाली बीमारी है। प्रोस्टेट का आकार 400 ग्राम (सटीक वजन 437 ग्राम) से भी ज्यादा था, जो कि सामान्य सर्जरी से किए जाने वाले इलाज से बहुत बड़ा था। फोर्टिस नोएडा के यूरोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर डॉ. पीयूष वाष्र्णेय के नेतृत्व में डॉक्टर्स की एक टीम ने डॉ. विंची सर्जिकल रोबोट की मदद से रोबोटिक सिंपल प्रोस्टेटेक्टोमी करने की सलाह दी। यह आधुनिक रोबोटिक प्लेटफॉर्म हाई-डेफिनिशन 30 विजुअलाइज़ेशन, कंपन में कमी, और कलाई जैसे घूमने वाले उपकरण की सुविधा प्रदान करता है, जिससे आस-पास के अंगों को सुरक्षित रखते हुए भी सटीकता से सर्जरी की जा सकती है।
यह सर्जरी सफलता पूर्वक पूरी हुई और इसमें खून का नुकसान भी बहुत कम हुआ। मरीज को केवल 48 घंटों के भीतर अच्छी हालत में हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई।
इस सर्जरी के बारे में जानकारी देते हुए फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा के यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. पीयूष वाष्र्णेय ने कहा, “यह रोबोट द्वारा संचालित हमारे द्वारा की गई सबसे अधिक वजन वाले प्रोस्टेट की सर्जरी थी। रोबोट से की जाने वाली प्रोस्टेटेक्टोमी (प्रोस्टेट हटाने की सर्जरी) बड़े प्रोस्टेट, खासकर बहुत बड़े आकार के प्रोस्टेट का इलाज करने के तरीके में एक नई क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। मरीजों को इससे कम दर्द होता है, जटिलताएं भी कम होती हैं और वे बहुत जल्दी ठीक होकर अपने रोजमर्रा के काम फिर से शुरू कर पाते हैं। यह एक गेम चेंजर है। रोबोटिक प्लेटफॉर्म की मदद से, हम बहुत खून के नुकसान को कम करने, तेज़ी से ठीक होने और सर्जरी के बाद के दर्द को काफी कम करने में कामयाब रहे हैं। इस मामले में, जिस सर्जरी के लिए पहले एक बड़ा चीरा लगाना पड़ता था और ठीक होने में हफ्तों का समय लगता था, उसे कुछ छोटे-छोटे चीरों से ही पूरा कर लिया गया और मरीज के दैनिक जीवन में भी कोई ज्यादा रुकावट नहीं आई। मरीज अगले ही दिन चलने लगा और 48 घंटों के भीतर उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। हॉस्पिटल से छुट्टी पाने के बाद से मरीज को पेशाब से जुड़ी क्रिया और संपूर्ण स्वास्थ्य में बहुत अच्छा सुधार हुआ है।”
दिल से आभार व्यक्त करते हुए मरीज ने कहा, “मैंने कई सालों तक इस तकलीफ़ और परेशानियों के साथ जीने की आदत डाल ली थी। डॉ. वाष्र्णेय और उनकी टीम का धन्यवाद, जिन्होंने मुझे जीवन में दूसरा मौका दिया है। काश, मैंने यह पहले करवा लिया होता।”
फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा के जोनल डायरेक्टर मोहित सिंह ने कहा, “यह मामला आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें रोबोट की मदद से की गई सर्जरी से जटिल यूरोलॉजिकल बीमारी को ठीक करने में मदद मिली। इस मामले की सफलता न केवल सर्जिकल क्षेत्र में हुई तकनीकी प्रगति को दर्शाती है, बल्कि सर्जन की विशेषज्ञता और रोगी की देखभाल के महत्व को भी बताती है। फोर्टिस नोएडा में, हमारा ध्यान अत्याधुनिक, नैतिक और मरीज-केंद्रित देखभाल प्रदान करने पर है, जो न केवल लंबे समय तक जीवित रहना सुनिश्चित करती है, बल्कि जीवन को भी बेहतर बनाती है।”
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के बारे में
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड भारत में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाली एक बड़ी कंपनी है। यह मुख्य रूप से हॉस्पिटल, डायग्नोस्टिक और डे केयर स्पेशलिटी की सुविधाएं प्रदान करती है। वर्तमान में, कंपनी 11 राज्यों में 33 स्वास्थ्य सेवा केंद्रों (जिसमें जॉइंट वेंचर और ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट सुविधाएं भी शामिल हैं) का संचालन करती है। कंपनी के नेटवर्क में 5,700 से ज़्यादा बेड (जिसमें ओएंडएम बेड भी शामिल है) और 400 डायग्नोस्टिक लैब हैं।

