पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने बोबाजार इलाके के कुछ हिस्सों में 18 से 20 अक्टूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। इसका मकसद इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
निषेधाज्ञा के तहत तय इलाके में पांच या उससे अधिक लोगों के गैरकानूनी तरीके से एक जगह इकट्ठा होने, लाठी या खतरनाक हथियार लेकर चलने और शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। यह आदेश बोबाजार थाना क्षेत्र के कुछ हिस्सों में लागू है।
पंडाल आयोजकों के खिलाफ FIR
चोरबागान भगदड़ मामले में पुलिस ने पंडाल आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) लगाई गई हैं. पुलिस ने मामले में 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है. हिरासत में लिया जाना अपने आप में किसी व्यक्ति का दोष साबित नहीं करता।
भगदड़ में कई लोगों की मौत
चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ मच गई थी. ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना में 19 लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हुए. घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है और भीड़ प्रबंधन तथा सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की पड़ताल की जा रही है. पुलिस की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था. फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों के आधार पर होगी।
भगदड़ कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर की शाम भारी बारिश के दौरान लोग पंडाल में शरण लेने के लिए तेजी से आगे बढ़े। भीड़ का दबाव बढ़ा और लोग गिरने लगे। कुछ अधिकारियों ने निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा और सीटी बजाने को भी संभावित वजह बताया है।

