ग्रेटर नोएडा । केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (INTUC, AITUC, HMS, CITU, AICCTU, UTUC, TUCI, LPF) एवं अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त आह्वान पर आज जिलाधिकारी कार्यालय, सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा के घोषित धरना स्थल पर देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।
यह आंदोलन 29 जुलाई 2026 को तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय किसान-मजदूर सम्मेलन के सर्वसम्मत निर्णय के अनुपालन में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक गिरफ्तारी देने की पेशकश की, किन्तु पुलिस द्वारा गिरफ्तारी लेने से मना कर दिया गया। इसके उपरांत जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू जिला सचिव कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर, कर्मचारी, स्कीम वर्कर और किसान विरोधी नीतियों के कारण आम जनता का जीवन संकट में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रमुख मांगों में चारों लेबर कोड निरस्त करने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार MSP की कानूनी गारंटी, स्कीम वर्कर्स को नियमित कर्मचारी का दर्जा व ₹42,000 न्यूनतम वेतन, निजीकरण पर रोक, OPS बहाली, किसानों की कर्ज माफी, महंगाई नियंत्रण, PDS की सार्वभौमिक व्यवस्था तथा दमनकारी कानूनों की वापसी शामिल हैं।
गौतमबुद्ध नगर के किसानों के मुद्दों पर विशेष जोर
प्रेस विज्ञप्ति में गौतमबुद्ध नगर के अधिग्रहण प्रभावित किसानों की वर्षों से लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
– 10% आबादी प्लॉट का प्रस्ताव वर्ष 2023 में शासन को भेजा जा चुका है, किंतु अब तक अनुमोदन नहीं हुआ है।
– लगभग 6000 प्लॉट का बैकलॉग अभी तक लंबित है।
– पिछले तीन वर्षों में एक भी किसान प्रकरण का समाधान नहीं हुआ है।
– 854 आबादी प्रकरण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में सुनवाई के बाद भी लंबित पड़े हैं, जिन्हें तत्काल बोर्ड बैठक में पारित कर लीजबैक किया जाना चाहिए।
– नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत सर्किल रेट का पुनरीक्षण तथा 20% विकसित भूखंड की व्यवस्था लागू की जाए।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण द्वारा बार-बार आश्वासन और लिखित आश्वासनों के बावजूद किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
प्रदर्शन में रामस्वारथ, मुकेश कुमार राघव, गंगेश्वर दत्त शर्मा, पारस रजक, राम सागर, नरेंद्र पांडे, सुनील पंडित, रामकिशन, टीकम सिंह, अरुण कुमार पटेल, भरत डेंजर, आर.पी. सिंह चौहान, रितेश झा, अमर सिंह, योगेंद्र चौहान, उदय चंद्र झा, विनोद, पुष्पेंद्र त्यागी, डॉ. रुपेश वर्मा, वीर सिंह नेताजी, वीर सिंह नागर, गुरप्रीत, एडवोकेट राहुल नागर, संदीप भाटी, सतबीर यादव, सूले यादव, निशांत रावल, भोजराज रावल, सुधीर रावल, सोनू समानिया, देशराज राणा, नितिन चौहान, निरंकार प्रधान, प्रशांत भाटी, रेखा चौहान, गुड़िया देवी, किरण देवी, इशरत सहित बड़ी संख्या में किसान, मजदूर एवं महिलाएं शामिल रहीं।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि यदि किसानों के लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में और बड़े एवं निर्णायक आंदोलन किए जाएंगे।

