भारत के 80 में स्वतंत्रता दिवस की धूम इस बार शहर से लेकर सरहद तक है, जम्मू कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से देशभक्ति की तस्वीरें निकलकर सामने आ रही हैं। जम्मू में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे आरएस पुरा इलाके में गुरुवार को किसानों के हाथों में खेती के औजार नहीं थे, बल्कि वो हाथों में अपने ट्रैक्टरों की स्टेरिंग संभाल कर ट्रैक्टरों पर लगे तिरंगे झंडे को नमन करते हुए पूरे बॉर्डर के इलाके का चक्कर लगा रहे थे। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए यह किसान अपनी किसानी का काम का छोड़ स्वतंत्रता दिवस के 79 साल पूरे होने का जश्न मना रहे थे। आरएस पुरा में ट्रैक्टर यूनियन के प्रधान मोहम्मद आरिफ ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा कि यह भारतीयों के लिए घरों की बात है कि हमने अपने स्वतंत्रता के 80 वे साल में कदम रखा है। उन्होंने कहा कि जम्मू में सीमा के दो ही पहरेदार हैं एक जवान और दूसरा किसान।
किसानों ने दिया देशभक्ति का संदेश, भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में निकाली तिरंगा रैली

मोहम्मद आरिफ ने कहा कि “जब भारत अपने स्वतंत्रता दिवस के 80 वें साल में कदम रख रहा है तो सीमा के लिए किस सीमा पर मोर्चा संभाले हुए जवानों से मिलने जा रहे हैं.” उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के नारे न केवल इस बार भारत में गूंजेंगे बल्कि सीमा पर किसानों द्वारा किया जा रहा है यह जय घोष पाकिस्तान में बैठे लोगों के घरों में भी पहुंचेगी और यह संदेश भी जाएगा कि भारत किस तरह प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
आरएस पुरा में ट्रैक्टर यूनियन के प्रधान मोहम्मद आरिफ ने कहा कि इस बार भारत का स्वतंत्रता दिवस न केवल शहर वासियों के लिए खास है बल्कि सीमा पर पाकिस्तान का हर दंश झेलने वाले उस किसान के लिए भी खास है जो सीमा पर पाकिस्तान की हर नापाक साजिश का जवाब देने के लिए हमेशा खड़ा रहता है।
