10 प्रतिशत भूखंड लिए बिना नहीं हटेंगे किसान
ग्रेटर नोएडा। किसान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में 9 सितंबर को हजारों की संख्या में किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर हल्ला बोल करेंगे। किसान अपनी प्रमुख मांगों—10 प्रतिशत भूखंड, आबादियों के निस्तारण, नए कानून के अनुसार 20 प्रतिशत भूखंड तथा ₹20,000 प्रति वर्गमीटर मुआवजा—को लेकर प्राधिकरण पर पहुंचेंगे।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा पूरी गंभीरता के साथ आंदोलन कर रहा है। यह चुनावी वर्ष है और किसान हर हाल में अपने प्रमुख मुद्दों का समाधान कराकर ही दम लेंगे।
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि 17 जुलाई और 17 अगस्त को हुए आंदोलनों के बाद प्रशासन द्वारा लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन इसके बावजूद तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ किसानों की कोई वार्ता नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन ने किसानों के साथ पूरी तरह वादा खिलाफी की है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। अब किसान पक्का मोर्चा लगाकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि किसान अपने मुद्दों को लेकर पूरी तरह वचनबद्ध हैं और पिछले तीन वर्षों से इन मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसान संघर्ष मोर्चा के आंदोलन के कारण मुआवजे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन यह अभी भी बाजार भाव की तुलना में काफी कम है। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग है कि नए कानून के अनुसार ₹20,000 प्रति वर्गमीटर मुआवजा और 20 प्रतिशत भूखंड दिया जाए।
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नगर ने कहा कि जनप्रतिनिधि कोई भी राजनीतिक जोखिम लेने की स्थिति में नहीं हैं और अपने निजी स्वार्थों में लगे हुए हैं। यही कारण है कि वे न तो 10 प्रतिशत भूखंड के मुद्दे पर और न ही नए कानून के अनुसार किसानों की मांगों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से अपनी बात रख पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा ने लगातार आंदोलन करते हुए 10 प्रतिशत भूखंड और नए कानून के मुद्दे को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक से पास कराकर शासन के अनुमोदन के लिए भेजवा दिया है। अब यह आंदोलन अपने अंतिम और निर्णायक चरण में है। किसान पूरी ताकत के साथ 9 सितंबर के आंदोलन में जुटेंगे और अपनी मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।

