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भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर किसान नेता को थाने में पीटा और फर्जी मुकदमा दर्ज किया

भ्रष्टाचार की जांच करवाते हुए, फर्जी मुकदमा खत्म करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए : वीरेंद्र यादव

 

आजमगढ़। पूर्वांचल किसान यूनियन महासचिव वीरेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार उजागर करने की सजा हीरालाल यादव को दी जा रही है। सरायभादी ग्राम प्रधान पति राम नवल यादव द्वारा 30 मई 2026 को रात के अंधेरे में जब राजभर बस्ती में जेसीबी से खुदाई की जा रही थी तो ग्रामीणों ने विरोध किया कि आखिर रात के अंधेरे में क्यों किया जा रहा है। सोशलिस्ट किसान सभा मेंहनगर प्रभारी हीरालाल यादव ने ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी आजमगढ़ को ज्ञापन भी दिया। भ्रष्टाचार न कर पाने से बौखलाए प्रधान पति ने धमकी भी दी कि कोई नहीं रोक पाएगा जेसीबी चलेगी। 31 मई 2026 की शाम में तरवां थानेदार से मिलकर साजिश करके हीरालाल यादव को थाने में बुलाकर मारा+पीटा और फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके पहले 25 मई 2026 को भी प्रधान सहायक ने हीरालाल यादव को धमकी दी थी जिसकी शिकायत हीरालाल ने 26 मई को जिलाधिकारी आजमगढ़ से की थी।

किसान नेता वीरेंद्र यादव ने कहा कि यह भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है जिसमें प्रधान, प्रधान सहायक, लेखपाल, पुलिस की संलिप्तता उजागर हो रही है, इस पूरे मामले की जांच करवाते हुए फर्जी मुकदमा खत्म करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हीरालाल यादव ग्राम सभा में हो रहे भ्रष्टाचार के सवाल को लगातार उठाते रहे हैं।
रात के अंधेरे में राजभर बस्ती को जाने वाले पोखरे के रास्ते पर जेसीबी चलाने की कोशिश हुई तो विरोध के बाद ग्रामीणों को मालूम चला कि प्रधान ने फर्जी तरीके से उसका पट्ट करवा दिया है जबकि वह ग्रामसभा का है। ग्रामीणों के साथ हीरालाल ने दूसरे दिन जिलाधिकारी आजमगढ़ को ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की जिससे भ्रष्टाचार करने वालों ने हीरालाल के खिलाफ साजिश की। हीरालाल सरायभादी गांव में मनरेगा में किए गए कार्यों के घोटाले की बात लगातार उठा रहे थे।  31 मई 2026 को थाना अध्यक्ष तरवां ने हीरालाल यादव को थाने बुलाया और कहा कि इस सरकार में सब लोग अपने हिसाब से काम कर रहे हैं।

तुम राजा हरिश्चंद्र हो गए हो अगर कोई भ्रष्टाचार कर पैसा कमा रहा है तो वह तुम्हारी जेब से जा रहा है। सब लोग मेहनत करते हैं तब किसी पद-पोस्ट पर पहुंचते हैं। हीरालाल ने जब उसका विरोध किया तो हीरालाल के सामने ही थाना अध्यक्ष तरवां ने हीरालाल के बेटे की पिटाई शुरू कर दी क्योंकि वह घटना का वीडियो बना रहा था। जब हीरालाल ने इसका विरोध किया तो हीरालाल को भी थाना अध्यक्ष ने लात-घूसो से पीटा उनके सर को दीवार से लड़ाया, उनके बेटे को धमकी दिया कि एनकाउंटर कर देंगे जबकि उनका बेटा नाबालिग है और अपने चाचा के साथ रहकर मुंबई में पढ़ाई करता है।

गर्मियों की छुट्टी बिताने के लिए घर पर आया है। इसके पूर्व हीरालाल के 5 वर्षीय बेटे की हत्या हो चुकी है। हीरालाल सामाजिक सरोकारों के साथ गरीब-मजदूर-मजलूम के साथ खड़े होकर जनता की लड़ाई लड़ते हैं। जो भ्रष्टाचारियों को पसंद नहीं है। हीरालाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया, थाने में पिटाई की और शांति भंग करने की धारा में उनका चालान किया। एसडीएम मेंहनगर नगर ने जमानत पर हीरालाल को रिहा किया। इस घटना की आजमगढ़ जनपद के सभी किसान संगठनो ने कड़े शब्दों में निंदा किया है और थाना अध्यक्ष तरवां को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच की मांग किया है। अगर  जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो किसान संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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