उत्तर प्रदेश में मानसून की देरी ने चिंता बढ़ा दी है। मध्य जून तक प्रदेश में अमूमन मानसून सक्रिय हो जाता है, लेकिन इस बार अलनीनो के प्रबाव के चलते सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। जून में 50 फीसदी भी कम बारिश होगी, जबकि जुलाई से सितंबर के बीच भी सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि इस वर्ष बारिश 90 फीसदी से भी हम हो सकती है, जिस कारण कई इलाकों में सूखे जैसी भी स्थिति बन सकती है। अभी जून में तीसरे सप्ताह के बाद भी बारिश के आसार नहीं बन रहे।
अलनीनो का असर-2015 जैसे हालात
देश में अभी 50 से 60 प्रतिशत जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। 15 जून तक 703 जिलों में से मात्र 103 जिलों में ही सामान्य बारिश हो रही है। महाराष्ट्र में भी कम जिलों में सामान्य बारिश हुई है. इस पैटर्न से किसानों की चिंता बढ़ गयी है।
अलनीनो का असर और बारिश
ये फसलें होंगी प्रभावित
उधर मौसम विभाग ने शुक्रवार को बी प्रदेश के कई इलाकों में भीषण गर्मी की चेतावनी के साथ कई इलाकों में लू का अलर्ट भी जारी किया है। बांदा का तापमान लगातार बढ़ा हुआ है, वह देश का सबसे गर्म शहर रहा. मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिन मौसम में परिवर्तन नहीं होगा।

