एकता कपूर ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में अपनी धार्मिक आस्था को लेकर होने वाले जजमेंट और बॉलीवुड में हिंदू लोककथाओं व पौराणिक कहानियों की स्वीकार्यता पर सवाल उठाए। उन्होंने टीका और कलावा पहनने पर लोगों की टिप्पणियों का जिक्र किया।
एकता कपूर ने बॉलीवुड में ‘हिंदूफोबिया’ पर उठाए सवाल
टीवी की ‘क्वीन’ कही जाने जानी मशहूर प्रोड्यूसर और फिल्ममेकर एकता कपूर ने बॉलीवुड को ‘हिंदूफोबिक’ कहा है। दिग्गज एक्टर जितेंद्र की 51 साल की बेटी एकता ने हिंदी इंडस्ट्री में हिंदू लोककथाओं और पौराणिक कहानियों को नजरअंदाज किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में एकता ने दो टूक शब्दों में कहा है कि बॉलीवुड में फैंटेसी कहानियों पर उत्साह से दिखाया जाता है, लेकिन भारतीय संस्कृति से जुड़ी कहानियों को लेकर उतनी दिलचस्पी नहीं दिखती। यही नहीं, एकता ने दावा किया है कि उनके ‘तिलक लगाने’ और ‘कलावा बांधने’ पर भी लोग सवाल उठाते हैं। उन्हें इस कारण ‘सनकी’ और ‘तांत्रिक’ तक कहा गया है।
टीवी इंडस्ट्री को ‘कहानी घर घर की’ और ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ जैसे दर्जनों सुपरहिट शोज देने वालीं एकता कपूर इन दिनों ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ को लेकर चर्चा में हैं। वह इस फिल्म की प्रोड्यूसर हैं, जो बिहार के वनदेवी मंदिर की लोककथा पर बनी है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर इस फिल्म को दीपक कुमार मिश्रा ने प्रोड्यूस किया है। एकता का कहना है कि भारतीय लोककथाओं को फिल्मों में जगह मिलनी चाहिए और ऐसी कहानियों को दर्शकों से भी स्वीकार्यता मिलना जरूरी है।
लोककथाओं को नजरअंदाज किए जाने पर एकता ने उठाए सवाल
रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में एकता कपूर ने कहा कि किसी फिल्म की सफलता केवल उसकी कमाई से तय नहीं होती, बल्कि उसकी कहानी और उससे जुड़ी सांस्कृतिक पहचान भी मायने रखती है। उन्होंने अपनी फिल्म ‘द वन’ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय लोककथाओं पर आधारित कहानियों को भी उसी तरह स्वीकार किया जाना चाहिए, जैसे फैंटेसी की दूसरी कहानियों को किया जाता है। एकता ने कहा, ‘फिल्म द वन के लिए कमाई के आंकड़े बहुत अच्छे हैं। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि यह लोककथाओं पर आधारित है। मैं कैमरे पर खुलकर कह रही हूं कि यहां हिंदूफोबिया है। हमें कई चीजों से डर लगता है। हम एनिमेटेड कहानियों को तो स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन लोककथाओं और पौराणिक कथाओं पर बात करने में हमें दिक्कत होती है। इसलिए, मैं इन चीज़ों को सामने लाने और लोगों द्वारा इन्हें अपनाए जाने के पक्ष में हूं। अब पहले के मुकाबले स्वीकार्यता काफी बढ़ गई है।’
टीका लगाने और कलावा बांधने पर लोगों ने कहा ‘सनकी’
एकता कपूर ने बातचीत के दौरान अपनी आस्था को खुलकर जाहिर करने के अनुभव भी शेयर किए। उन्होंने बताया कि टीका और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीक पहनने पर भी लोग उनके पहनावे को लेकर सवाल उठाते हैं। एकता ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि किसी ने उनसे पूछा था, ‘तुमने किसी सनकी (freak) की तरह कपड़े क्यों पहने हैं?’ इस टिप्पणी पर हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा, ‘क्या टीका और कलावा पहनना अजीब होना है? मैं आपको बता भी नहीं सकती! टीका लगाना और अपनी आस्था को खुलकर दिखाना लोगों के लिए इतनी बड़ी समस्या क्यों है?’
एकता कपूर को ‘तांत्रिक’ तक कहा गया
बातचीत के दौरान रणवीर अल्लाहबादिया ने इस बात का भी जिक्र किया कि एकता कपूर को उनकी धार्मिक आस्था और पहनावे की वजह से ‘तांत्रिक’ तक कहा गया था। एकता की बातों से यह मुद्दा सामने आया कि धार्मिक प्रतीकों को अपनाने वाले लोगों को भी कई बार दूसरों की टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। उनका मानना है कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी कहानियों को सामने लाने में संकोच नहीं करना चाहिए और हिंदू लोककथाओं तथा पौराणिक कथाओं पर आधारित फिल्मों को दर्शकों के बीच ज्यादा जगह मिलनी चाहिए।
बिहार की लोककथाओं से प्रेरित है ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’
एकता कपूर द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन दीपक कुमार मिश्रा ने किया है, जबकि इसकी स्टोरी अरुणाभ कुमार ने लिखी है। फिल्म में फैंटेसी और अलौकिक तत्वों के साथ बिहार की लोककथाओं को शामिल किया गया है। इसकी कहानी पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा में स्थित ‘मां वन देवी मंदिर’ से जुड़ी मान्यताओं से प्रेरित है। फिल्म के जरिए भारतीय लोकविश्वास और स्थानीय लोककथाओं को बड़े पर्दे पर पेश करने की कोशिश की गई है।
फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर की इतनी कमाई
फिल्म 25 सितंबर को रिलीज हुई थी। मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, इसने भारत में पहले दिन ₹8 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन ₹69.50 करोड़ और दुनियाभर में कुल कलेक्शन ₹90.47 करोड़ बताया गया है। एकता कपूर के मुताबिक, फिल्म की कमाई के साथ-साथ इसकी लोककथाओं पर आधारित कहानी भी खास मायने रखती है। उनके लिए ऐसी कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाना और उन्हें स्वीकार्यता दिलाना भी फिल्म की सफलता का अहम हिस्सा है।
एकता कपूर के आने वाले प्रोजेक्ट्स
एकता कपूर फिल्मों, डिजिटल एंटरटेनमेंट और रियलिटी टीवी के क्षेत्र में कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने घोषणा की कि बालाजी टेलीफिल्म्स, यूट्यूब के साथ मिलकर 200 एपिसोड वाले पांच ओरिजिनल शो बनाएगी। उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स में ‘हक से’ का सीजन 2, ‘फिर प्यार की यह कहानी सुनो’ और ‘कहने को हमसफर हैं’ का सीजन 4 शामिल हैं। इसके अलावा, एकता ने ‘द डर्टी पिक्चर 2’ पर काम चलने की भी पुष्टि की है। वहीं, वह स्टार प्लस के लिए एक नया टीवी शो भी प्रोड्यूस कर रही हैं, जिसमें गौरव खन्ना और श्रद्धा आर्या मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

