Site icon Thenews15.in

Dumka Girl Death Case: आखिर कब रुकेंगी झारखंड में अंकिता को जिन्दा जलाने वाली जैसी वारदातें 

Dumka Girl Death Case : समाज में घातक साबित हो रही एकतरफा प्यार की प्रवत्ति 

चरण सिंह राजपूत

Dumka Girl Death Case: प्यार एक ऐसा शब्द है कि इसको सही रूप में लिया जाये तो इसमें सब कुछ समाहित हो जाता है। प्यार समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उसे प्यार तो कतई कहा जा सकता जिसके नाम पर किसी की जान ले ली जाये। वह उसकी जिससे आप प्यार करने की बात कर रहे हो। दरअसल यह हवश होती है, जिसमें पात्र व्यक्ति सब कुछ अपने हिसाब से चाहता है। इसे एकतफा प्यार कहा जाता है। कुछ मनचले और सनकी टाइप के लड़के किसी लड़की के बात करने को प्यार समझ बैठते हैं और लग जाते है उसके पीछे।

Dumka Girl Death Case

समाज में एकतरफा प्यार बहुत घातक साबित हो रहा है। ये लड़के किसी भी तरह से उस लड़की पर अपना एकतरफा प्यार थोपना चाहते हैं। तो क्या कोई लड़की आपका प्यार स्वीकार नहीं करे तो आप उसको मार डालोगे ?

(Dumka Girl Death Case) झारखंड के डुमका ( Jharkhand Dumka) में एकतरफा प्यार के मामले में लड़की को पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले करने की वारदात इसी तरह की है। आप लड़के के दुःसाहस कीजिये कि लड़की अपने घर में सो रही थी और उस पर खिड़की से पेट्रोल फेंककर उसे आगे के हवाले कर दिया। लड़के का दिमाग में कितनी क्रूरता भरी होगी उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लड़का लड़की को जलता देख मुस्करा रहा था और डांस कर रहा था।

Dumka Girl Death Case

दरअसल झारखंड (Jharkhand Dumka) में सियासी उथल-पुथल के बीच इस वारदात ने झारखंड (Jharkhand Dumka) में महिला सुरक्षा, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ सहित तमाम दावों को खोखला साबित कर दिया। झारखंड की उप राजधानी मानी जाने वाली दुमका में यह जो सनसनीखेज मामला सामने आया है, इसमें पीड़िता 12वीं कक्षा की छात्रा अंकिता थी। मोहल्ले में ही रहने वाले सनकी युवक शाहरुख ने पेट्रोल छिड़क कर इसे आग के हवाले कर किया और इलाज के दौरान इसकी मौत हो गई।

योगी राज में कितना हो पाया ब्रजघाट गढ़ गंगा का विकास ?

इस वारदात में अंकिता 90 फीसदी तक जल गई थी। बेहतर इलाज के लिए उसे राजधानी रांची के रिम्स अस्पताल लाया गया था पर डॉक्टर इसे बचा न सके। आरोपी युवक शाहरुख को पुलिस ने गिरफ्तार तो कर लिया है पर अंकिता की हत्या पर मुस्कराने वाले शाहरुख़ को मिलने वाली सजा समाज में कोई सन्देश दे पायेगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे सनकी युवकों की शिकार देश की बेटियां होती रहेंगी ?

आखिर इस तरह की वारदातों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है ? कानून के साथ ही समाज के ठेकेदार क्या कर रहे हैं ? कानून कार्रवाई तो लचर होती ही है पर समाज भी इस तरह की वारदातों को रोकने का कारगर प्रयास नहीं करता। ऐसे कितने परिवार हैं जिन्होंने इस तरह के सनकी युवाओं को अपनाने से इनकार किया है  ? ऐसे कितने परिजन हैं जिन्होंने खुद अपने हाथों से ऐसे लड़कों को सजा दी है ?

आज की तारीख में तो गजब का माहौल है कि ऐसे कितने मामले हैं कि युवा अपराध करते हैं और उसकी वीडियो बनाकर खुद ही वायरल कर देते हैं। यह लड़का भी अपनी घिनौकी करतूत पर मुस्करा रहा था और डांस भर कर रहा था। क्या हमारी बेटियां ऐसे सनकी लड़कों की शिकार होती रहेंगी ? क्या देश में वास्तव में बेटियों की सुरक्षा हो पा रही है ?

मुस्लिम लॉ में नाबालिक को शादी की मंजूरी

देखने की बात यह भी है कि पड़ोस में रहने वाले लड़के ने इस वारदात को अंजाम दिया है। पड़ोस में यदि इस तरह की वारदात होती है तो अचानक नहीं होती है उसकी अपनी पृष्ठभूमि होती है। लड़की इंंटर में पढ़ रही थी। यह उम्र बच्चों के लिए अपना करियर बनाने की होती है। आप कल्पना कीजिए कि पढ़-लिखकर अपना करियर बना रही छात्रा से यह सनकी लड़की एकतरफा प्यार कर रहा था।

जब इस लड़के ने इस छात्रा को जिंदा जलाया है तो उससे पहले भी छात्रा को कितनी मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा होगा। इसे देश और समाज का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि इस तरह के मामले कुछ दिन सुर्खियों में रहते हैं फिर लोग भूल जाते हैं यही वजह है कि इस तरह की वारदात होने की आशंका समाज हमेशा बनी रहती है। (Dumka Girl Death Case)

Exit mobile version