वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह परमाणु समझौते के लिए सहमत नहीं होता, तो इजराइल के पास मौजूद खतरनाक हथियारों के कारण और तबाही हो सकती है। यह बयान इजरायल द्वारा ईरान पर हाल के हमले के बाद आया, जिसमें ट्रंप ने कहा कि ईरान में डील का विरोध करने वाले मारे गए हैं, और अब उसके पास समझौता करने का आखिरी मौका है।
ट्रंप का यह बयान उनके दूत स्टीव विटकॉफ के प्रस्ताव के विपरीत है, जिसमें ईरान को सीमित यूरेनियम संवर्धन की अनुमति दी गई थी। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कुछ रिपब्लिकन सीनेटर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रहे हैं, और नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई की वकालत की है।
ईरान ने दावा किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, लेकिन IAEA की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान 60% तक समृद्ध यूरेनियम का उत्पादन कर रहा है, जो परमाणु हथियार बनाने की दिशा में इशारा करता है। तनाव बढ़ रहा है, क्योंकि ईरान ने बदले की धमकी दी है, और अमेरिका ने सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। यह स्थिति पश्चिम एशिया में विस्फोटक हालात पैदा कर रही है, और इसका भारत पर भी असर पड़ सकता है, खासकर तेल व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में।

